1721 फील्ड बैटरी का योगदान
इस महत्वपूर्ण कार्य को 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) द्वारा अंजाम दिया जाता है, जो भारतीय सेना की प्रतिष्ठित आर्टिलरी यूनिट है और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तैनात है। यह बैटरी केवल गणतंत्र दिवस पर ही नहीं, बल्कि शहीद दिवस पर राजघाट, स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला और राष्ट्रपति भवन में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के स्वागत जैसे सर्वोच्च राष्ट्रीय अवसरों पर भी तोपों की सलामी देती है। 1721 फील्ड बैटरी, 172 फील्ड रेजिमेंट का अभिन्न हिस्सा है और पूर्व में 36 आर्टिलरी ब्रिगेड के अधीन रही है।
समन्वित तोप फायरिंग और सैन्य अनुशासन
तोपों की फायरिंग पूरी तरह समकालिक और समन्वित होती है। इसमें प्रोटोकॉल अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का आरोहण, सेवा बैंड द्वारा राष्ट्रीय गान का वादन, और प्रेसिडेंट्स बॉडी गार्ड द्वारा राष्ट्रीय सलामी शामिल होती है। इस प्रक्रिया में प्रत्येक कदम सटीकता, अनुशासन और गरिमा का प्रतीक होता है। 105 मिमी लाइट फील्ड गन की गूंज के साथ दी जाने वाली 21 तोपों की सलामी न केवल सैन्य परंपरा को जारी रखती है, बल्कि यह आधुनिक, सक्षम और आत्मनिर्भर भारतीय सेना की सशक्त छवि को भी राष्ट्र और विश्व के समक्ष प्रस्तुत करती है।
आत्मनिर्भर भारत और रक्षा निर्माण की उपलब्धि
स्वदेशी तोप प्रणाली का उपयोग आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करता है और देश की रक्षा निर्माण क्षमता को प्रदर्शित करता है। यह आधुनिक तोप प्रणाली भारतीय सेना के भरोसे और दक्षता का प्रतीक है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि भारतीय सेना अपनी पारंपरिक परंपराओं को बनाए रखते हुए तकनीकी नवाचार और आधुनिक हथियार प्रणालियों को अपनाने में अग्रणी बनी हुई है।
गणतंत्र दिवस की गरिमा और राष्ट्रीय गौरव
गणतंत्र दिवस पर 21 तोपों की सलामी समारोह का हर क्षण राष्ट्रीय गौरव, अनुशासन और सैन्य उत्कृष्टता का प्रतीक है। भारतीय सेना का मानना है कि यह समारोह न केवल राष्ट्र की एकता और शौर्य का संदेश देता है, बल्कि यह दिखाता है कि भारत की सैन्य शक्ति आधुनिक, सक्षम और आत्मनिर्भर हो चुकी है। यह आधुनिक भारतीय सेना की सशक्त छवि का साक्ष्य है, जो देशवासियों और वैश्विक समुदाय के लिए गर्व का विषय है।
