नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस Board of Peace में शामिल होने के लिए कई देशों को आमंत्रित किया गया, लेकिन कुछ प्रमुख देशों ने इसे ठुकरा दिया है। वहीं, कई देशों ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है जिसमें भारत भी शामिल है। खबर है कि भारत इस पहल के संवेदनशील पहलुओं पर विचार कर रहा है और अंतिम फैसला अभी नहीं लिया गया है।अमेरिका ने गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत यह बोर्ड गठित किया है। इसमें विश्व के कई नेताओं को शामिल होने का न्योता दिया गया है।
बोर्ड में शामिल नहीं हो रहे प्रमुख देश:
फ्रांस, नॉर्वे, स्वीडन ने ट्रंप के न्योते को ठुकराया। वहीं, ब्रिटेन, चीन, क्रोएशिया, इटली, यूरोपीय यूनियन की कार्यकारी शाखा, पराग्वे, रूस, सिंगापुर, स्लोवेनिया, तुर्किये और यूक्रेन ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।
न्योता स्वीकार करने वाले देश:
अर्जेंटीना, आर्मीनिया, अजरबैजान, बहरीन, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, कजाखस्तान, कोसोवो, मोरक्को, संयुक्त अरब अमीरात, वियतनाम और पाकिस्तान ने न्योता स्वीकार कर लिया है। वाइट हाउस के अनुसार, बोर्ड में कुल 30 देशों को शामिल किया जा सकता है, जबकि 50 देशों को न्योता भेजा गया था।भारत के इस कदम पर ध्यान दुनिया भर की नजरें बनी हुई हैं। कहा जा रहा है कि भारत बोर्ड के कुछ बिंदुओं पर विचार कर रहा है और जल्द ही अपनी स्थिति साफ करेगा।
