‘ग्रिड एंड फियर’ की रिपोर्ट में बड़ा बदलाव, एचएसबीसी को मिली जगह
जेफरीज़ के रणनीतिकार क्रिस वुड ने अपनी नामांकन रिपोर्ट “ग्रिड एंड फियर” में इस बदलाव का ज़िक्र किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया (जापान को खत्म), ग्लोबल और इंटरनेशनल लॉन्ग-ओनली पोर्टफोलियो को हटा दिया गया है। हालाँकि, इस निर्णय के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, लेकिन बाजार में इसे शामिल करने की घटना देखी जा रही है। खास बात यह है कि बैंक की जगह एचएसबीसी को 4 प्रतिशत वेटेज के साथ पोर्टफोलियो में शामिल किया गया है। इस बदलाव के चलते भारत का कुल वेटेज भी थोड़ा कम हो गया है, जो विदेशी निवेशकों के नजरिए में बदलाव का संकेत देता है।
एशिया-पैसिफिक पोर्टफोलियो में भी स्टॉक, भारत का वेटेज कम हो गया
जेफरीज ने सिर्फ ग्लोबल पोर्टफोलियो में ही नहीं, बल्कि एशिया-पैसिफिक (जापान को छोड़कर) पोर्टफोलियो में भी बदलाव किए हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया का वेस्टेज़ 2-2 प्रतिशत नीचे आया है, जबकि ताइवान का वेस्टेज़ 4 प्रतिशत नीचे आया है। इस पोर्टफोलियो में भारत की 13 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो अभी भी MSCI से थोड़ी अधिक बनी हुई है। इसके बावजूद वेस्टेज में यह टिप्पणी की गई है कि विदेशी ब्रोकरेज हाउस को भारत ले जाने से रोका गया है।
शव के अवशेषों से लेकर गहनता तक की जांच, जांच की भी चर्चा
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में डिजिटल स्टॉक एक्सचेंज के शेयरधारक अतनु चक्रवर्ती ने ‘मूल्यों और संपत्तियों’ से जुड़े शेयरों की शपथ ली थी। इसके बाद बैंक ने केकी मिस्त्री को पोर्टफोलियो में नियुक्त कर दिया। बताया जा रहा है कि बैंक ने इस मामले की जांच के लिए लॉ फर्मों को भी नियुक्त किया है। वहीं, अन्यत्र में यह भी संकेत मिले हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) इस मामले की समीक्षा कर सकता है। इन घटनाओं में बैंक की संभावनाओं को लेकर सवाल पूछे गए हैं, जिससे किसी भी व्यक्ति का भरोसेमंद प्रभाव हो सकता है।
युवाओं की धारणा पर असर, आगे भी रह सकता है दबाव
विशेषज्ञ विशेषज्ञ का मानना है कि भले ही अभी तक किसी भी तरह की गड़बड़ी साबित नहीं हुई है, लेकिन इस तरह की घटनाओं की धारणा प्रभावित होती है। इससे शेयर पर शॉर्ट टर्म में प्रेशर बनाया जा सकता है। स्थिर स्थिति में बैंक का 52 ग्रेड का निचला स्तर 741.05 रुपये और उच्च स्तर 1,020.50 रुपये है, जबकि बैंक की बाजार पूंजी करीब 5.82 करोड़ लाख रुपये है। ऐसे में किसी भी निवेश के लिए यह समय अत्यावश्यक रहना होगा और किसी भी निवेश निर्णय से पहले स्थिति को भरना जरूरी होगा।
