नर्मदापुरम् 10 अप्रैल 2026 (हिन्द संतरी) अंधे धृष्टराष्ट्र की पत्नी गांधीरी ने पति भक्ति में आँखें होते हुये आजीवन अपनी आंखो पर पट्टी बांध रखी थी उसी प्रकार जिला प्रशासन, अतिक्रमण की टीम ओर नगरपालिका गांधारी की भूमिका में यहा नजर आते है, पर अंधा धृष्टराष्ट्र कौन है यह यक्ष प्रश्न इस जिले के हर आम नागरिक से लेकर हर खास के मन में है की आखिरकार मीनाक्षी चौक पर पत्रकार संजीव खापरे के बंगले के सामने का अतिक्रमण पर पूरी सरकार आंखो पर पट्टी बांधकर गांधारी क्यों बन जाती है।
क्या मीनाक्षी चौक के पत्रकार संजीव खापरे के बंगले के सामने ओर बगल में अतिक्रमण पर मेहरवानी क्यो है? नागरिकों को निर्बाध रूप से पेयजल सप्लाई होती रहे इसके लिए नगरपालिका द्वारा अमृत 2.0 के तहत कार्य तेजगति से किया जा रहा है ओर मीनाक्षी चौक से एनएमवी कालेज तक अमृत 2.0 के तहत कार्य चल रहा है। जिसके चलते मीनाक्षी चौक स्थित दीवार से लगी दुकानों को अतिक्रमण के नाम से भी हटाया गया है किन्तु पत्रकार बंगले के गेट के ठीक सामने ओर बगल की दुकानों को छेड़ा नहीं गया, क्या इसमें नगर पालिका अध्यक्ष या उनके पति महेंद्र यादव या अन्य किसी की हिस्सेदारी है या ये दुकानों उनकी है, तमाम प्रश्न लोगों द्वारा किए जाते है, जिसका जबाव किसी के पास नहीं है।
अलबत्ता उपयंत्री आयुषी रिछारिया ने बताया कि नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी हेमेश्वरी पटले के निर्देशन में अमृत 2.0 योजना के तहत पेयजल संबंधी पाइप लाइन डाली जा रही है। जिसका कार्य इंटकबेल से फिल्टर प्लांट तक चल रहा है। जिसके चलते मीनाक्षी चौक से अतिक्रमण हटाने का ढिंढोरा पीटा गया किन्तु अतिक्रमण हटाने के बाद जो फोटो प्रेस के लिए जारी किया गया उसमें पत्रकार बंगले के गेट के सामने का अतिक्रमण नगरपालिका के गाल पर करारा तमाचा जड़ता है जो झूठ के द्वारा उन्होने बताया है।
नपाध्यक्ष नीतू यादव नगर में पेयजल निर्बाध रूप से मिलता रहे इसके लिए नगर में अमृत 2.0 योजना के तहत पाइप लाइन डालने का कार्य तेजगति से चलाने में अतिक्रमण हटाने में शहर का हित देखा जाये भले ही किसी भी राजनेता या प्रभावशाली हो, उसके प्रभाव से मुक्त होकर कार्य किया जाये , न की मीनाक्षी इटारसी रोड पर पुलिया पर अतिक्रमण कर शहर की राजनीति को ताली पीटने वाली साबित किए जाने हेतु रिलायन्स मेडिकल जैसे को सिर पर बैठाकर या पत्रकार बंगले के सामने जैसे उदाहरण जिंदा रखकर काम किए जाए ?
