आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की 5 गाड़ियां लगातार पानी डालती रहीं, जबकि नगर निगम के 4 टैंकर भी मौके पर लगाए गए। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में रखी पॉलीथिन और डिस्पोजल सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और हालात बेकाबू हो गए।
आग की चपेट में आए मालिक और परिजन
यह फैक्ट्री दीपक साहू (30), पिता लालचंद साहू की बताई जा रही है। घटना के समय फैक्ट्री परिसर में बने आवास में उनका परिवार मौजूद था। आग लगने के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति झुलस गए। उन्हें बचाने के प्रयास में फैक्ट्री संचालक दीपक साहू भी घायल हो गए। बुजुर्ग को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जबकि मौके पर पहुंचे डॉक्टर मनन गोगिया ने दीपक साहू का प्राथमिक उपचार किया।
परिवार में मचा कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। फैक्ट्री को आग में जलता देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की। फैक्ट्री परिसर में रखे सिलेंडर और डीजल से भरे जनरेटर को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
28 लाख रुपये की नकदी सुरक्षित बचाई गई
आग फैलने के दौरान परिवार ने सूझबूझ दिखाते हुए घर में रखे 28 लाख रुपये नकद सुरक्षित बाहर निकाल लिए। हालांकि घरेलू सामान आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गया। आग की चिंगारियां पास के खेतों तक भी पहुंचीं, जिससे वहां खड़ी फसल को नुकसान हुआ।
प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद नायब तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे। भाजपा नेता अरविंद राजपूत, डॉक्टर मनन गोगिया और कई समाजसेवियों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस घटना में 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार ने बताया कि सुबह तक आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन अंदर ज्वलनशील सामग्री अधिक होने के कारण अभी भी धुआं निकल रहा है। एहतियात के तौर पर मौके पर टीम तैनात की गई है।
