अभिनेत्री ने बताया कि फिल्म में उनके ऑन-स्क्रीन पति के किरदार को लेकर जो चयन किया गया, वह उनके लिए पहले से स्पष्ट नहीं था। जब उन्हें बाद में इस बारे में जानकारी मिली, तो उन्हें लगा कि यह उनके किरदार की सोच और अपेक्षाओं से अलग दिशा में था। इस कारण उन्होंने इसे एक असहज अनुभव के रूप में महसूस किया।
मृणाल ठाकुर ने यह भी संकेत दिया कि फिल्म के कुछ हिस्सों में बाद में बदलाव किए गए, जिससे उनके किरदार की स्क्रीन पर मौजूदगी पर असर पड़ा। इन परिवर्तनों के कारण कहानी में उनके रोल की गहराई अपेक्षाकृत कम हो गई, जिससे उन्हें थोड़ी निराशा हुई। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हर प्रोजेक्ट में ऐसे अनुभव सीखने का हिस्सा होते हैं।
‘सन ऑफ सरदार 2’ एक मल्टीस्टारर फिल्म है जिसमें कॉमेडी और इमोशनल ड्रामा का मिश्रण देखने को मिलता है। कहानी रिश्तों, गलतफहमियों और परिस्थितियों के उतार-चढ़ाव पर आधारित है, जिसमें हर किरदार का अपना महत्व है। मृणाल ठाकुर का किरदार भी कहानी के भावनात्मक पहलू को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाता है।
इस बयान के बाद फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग प्रक्रिया और कलाकारों के साथ संवाद को लेकर चर्चा फिर से तेज हो गई है। माना जा रहा है कि किसी भी बड़े प्रोजेक्ट में पारदर्शिता और स्पष्ट जानकारी कलाकारों के प्रदर्शन और अनुभव दोनों को बेहतर बना सकती है।
