आत्माराम यादव चीफ एडिटर
नर्मदापुरम 02 जून 2026 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई अभद्र भाषा को आप गाली कह सकते है जो प्रदेश के मुखिया के नाते उन्हे यह अमर्यादित टिप्पणी नहीं करनी थी किन्तु नगर कांग्रेस एवं युवा कांग्रेस ने इस आंदोलन को भौतिकता की गहराई से उठाकर गाली के बदले गाली न देते हुए इस संघर्ष को सांस्कृतिक धरातल पर उतारकर गुलाब पुष्प वितरित कर सौंदर्यता का परिचय दिया । प्रदेश सरकार जब जनता के हितों पर कुठराघात कर अपनी गलती को स्वीकारने की बजाय पालयनवादी हो जाये तो विपक्ष उसे आईना दिखा सकता है। आईना वही दिखाता है जो होता है, अगर मुख्यमंत्री ने आईने में अपनी सूरत देखकर सत्य का सामना करने का धैर्य खो दिया तो यह दुखद है ओर धैर्य खोने वालों को जिस प्रकार महात्मा गांधी ने शांति का पाठ पढ़ाने का काम किया ,वही तरीका जिसे आज गांधीवादी कहते है कांग्रेस ने अपना कर कीचड़ उछालने के बदले कीचड़ में धकेलने का काम न करके एक नई पहल की है।
मुखमंत्री जी समझते है अगर गाली दी जाये तो उसे चुपचाप खा ली जाये, तो उनका भ्रम है की गाली खाई जाती है जबकि सभी जानते समझते है की गाली सुनी जाती है, जो मन को लगती है ओर मन शब्दों से चीत्कार उठता है । कांग्रेस का मन उनकी गाली से लहूलुहान हुआ तो कांग्रेस उनके विरोध में खड़ी हो गई ,पर कांग्रेस गाली सुनकर पेट भरने वाली नहीं है वह गाली का जबाव गाली से ही देती है किन्तु नर्मदापुरम में पापमोचनी नर्मदा का प्रभाव कहिए यहा कांग्रेस भाजपाइयों को गुलाब देकर खुश हो रही थी।
गुलाब लेकर लोग गुलाब को सूंघकर खुशबू से अपने मनमस्तिष्क को ताजगी देते रहे, यह ताजगी शरीर को स्वास्थ्य देने के लिए अमृत के समान है। गेहूं खाते है ओर गुलाब को सूंघते है। गेहूं तो गोदामों में सड़ रहा है या खरीदीकेन्द्रो के मैदानों में भीग रहा है। जब इंसान माँ की कोख से धरती पर पैदा हुआ तो भूख लेकर पैदा हुआ भूख भूख …प्यास प्यास , आखिर क्या खाये , क्या पिए? माँ के स्तनों को निचोड़ा,वृक्षों को झकझोरा, कीट-पतंग, पशु पक्षी आखिर कुछ भी न बच पाये उससे , वह सब खाने लगा। इंसान कच्चा चरे या पक्का चरे, उसकी शरीर की आवश्यकताओं ने उसे नराधम बना दिया …एक गुलाब है जिसने भरी जवानी में अपने को इंसान को सौंप दिया ,गुलाब की खुशबू ने इंसान को इंसान बना रखा है … ओर कांग्रेस अपने नेता जीतू पटवारी के पक्ष में मुखमंत्री के बिगड़े बोलों को लगाम लगाने के लिए गुलाब लेकर खड़ी है?
कांग्रेस का मानना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संवेधानिक पद की गरिमा को तार तार किया है ये समूचे प्रदेश का अपमान है ऐसी स्तरहीन भाषा मुख्यमंत्री को शोभा नही देती प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी किसान पुत्र है और हमेशा युवा किसान बेरोज़गार की आवाज़ बुलंद करते है जो विपक्ष का कर्तव्य है परन्तु माननीय मोहन यादव जी द्वारा की गई टिप्पणी घोर निंदनीय है एक मुख्यमंत्री की भाषा शालीन , सभ्य, सहज और गरिमापूर्ण होनी चाहिए एनएसयूआई नगर अध्यक्ष ऋतिक चौहान ने कहा तुच्छ और फूहड़ भाषा मोहन यादव के व्यक्तित्व को दर्शाती है मोहन यादव जी पद बड़ा है पर आपकी भाषा छोटी पड़ गई जिला कांग्रेस सचिव विक्की जमनानी ने कहा जिस कुर्सी पर बैठकर प्रदेश को दिशा देना चाहिए आपने उसे राजनीतिक हताशा का मंच बना दिया कांग्रेसजनों का कहना है जीतू पटवारी जी ने पूरे प्रदेश मे मुख्यमंत्री मोहन यादव के पुतले दहन को निरस्त करते हुए ये अपील की के हमे हिंसा का रुख न अपनाते हुए गांधीवादी और अहिंसा स्वरूप विरोध प्रदर्शन किया जाये
इस प्रदर्शन मे प्रमुख रूप से नेता प्रतिपक्ष अनोखी राजोरिया , पूर्व ब्लाक अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी, पार्षद मीना वर्मा , जिला उपाध्य्क्ष फैज़ान उल हक़ , मंडलम अध्यक्ष मंजुलमड़ी ढीमोले विजेंद्र राजपूत , अमित खत्री गुलाम हैदर , बलवीर चौहान, सिराज खान, रामगोपाल मालवीय, अफराज़ खान, आयुष्मान अवस्थी, अफ़ज़ल सिद्दीक़ी, ललित मौर्य , संतोष अहिरवार , शिवम साहू , अलमास खान आदि उपस्थित रहे
