सोमवार के लिए प्रदेश के 13 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, शाजापुर, देवास, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल हैं। इंदौर और उज्जैन में गर्म रात (वॉर्म नाइट) की चेतावनी भी दी गई है, जिससे दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का असर बना रहेगा। दूसरी ओर, श्योपुर, मुरैना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। जबकि भोपाल, जबलपुर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा।
रविवार को प्रदेश में पहली बार इस सीजन में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचा। खजुराहो के अलावा नौगांव में 44.6 डिग्री, सागर और नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री, दमोह में 44.2 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, मंडला, दतिया और टीकमगढ़ में भी पारा 44 डिग्री तक पहुंचा। शाजापुर में 43.7 डिग्री, रायसेन, सतना, रतलाम और गुना में 43.6 डिग्री, रीवा और मलाजखंड में 43.5 डिग्री, सीधी में 43.4 डिग्री और बैतूल में 43 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 43.5 डिग्री तक पहुंचा। ग्वालियर में 42.9 डिग्री और उज्जैन में 42.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
रिकॉर्ड की बात करें तो इंदौर में 43 डिग्री तापमान के साथ अप्रैल की गर्मी ने 6 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले 2019 में यहां 43.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। भोपाल में यह बीते 10 वर्षों का तीसरा सबसे गर्म दिन रहा, जबकि 3 साल बाद इतनी तेज गर्मी दर्ज की गई। जबलपुर में भी 3 साल के बाद सबसे ज्यादा तापमान 43.5 डिग्री दर्ज हुआ।
भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर भी देखने को मिला। इंदौर, महू, भोपाल, सीहोर, रतलाम, शाजापुर, सागर और विदिशा के गंजबासौदा सहित कई इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के मध्य हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके कारण मौसम में बदलाव बना हुआ है। साथ ही, अगले तीन दिनों तक एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का यह मिला-जुला मिजाज जारी रह सकता है।
