नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम/31,जुलाई,2026/ जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम के नेत्र विभाग में अब अत्याधुनिक फेको मशीन के माध्यम से मोतियाबिंद का सफल उपचार किया जा रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीमती ऋचा गौर द्वारा इस आधुनिक तकनीक से मरीजों के सफल ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इससे नर्मदापुरम सहित आसपास के जिलों के मरीजों को अब सरकारी अस्पताल में ही निजी अस्पतालों जैसी आधुनिक, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीमती ऋचा गौर ने बताया कि फेको तकनीक वर्तमान समय में मोतियाबिंद के उपचार की सबसे उन्नत एवं सुरक्षित विधियों में से एक है। इस प्रक्रिया में अल्ट्रासोनिक तरंगों की सहायता से आंख के धुंधले प्राकृतिक लेंस (मोतियाबिंद) को मात्र 2 से 3 मिलीमीटर के छोटे चीरे के माध्यम से निकालकर उसकी जगह आधुनिक कृत्रिम इंट्राऑक्युलर लेंस (आईओएल) प्रत्यारोपित किया जाता है। छोटे चीरे के कारण सामान्यतः टांकों की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और आंख तेजी से स्वस्थ होती है।
उन्होंने बताया कि फेको तकनीक से मोतियाबिंद का ऑपरेशन सामान्यतः 10 से 20 मिनट में पूरा हो जाता है। इस प्रक्रिया में संक्रमण का खतरा अपेक्षाकृत कम रहता है तथा अधिकांश मरीज उसी दिन घर लौट सकते हैं। ऑपरेशन के बाद दृष्टि में शीघ्र सुधार होने लगता है और कुछ ही दिनों में मरीज अपनी सामान्य दिनचर्या प्रारंभ कर सकता है। डॉ. गौर के अनुसार इस तकनीक के प्रमुख लाभों में छोटा चीरा, बिना टांकों के ऑपरेशन, कम दर्द, शीघ्र रिकवरी, संक्रमण का कम जोखिम तथा बेहतर एवं स्पष्ट दृष्टि शामिल हैं। आधुनिक कृत्रिम लेंस लगाए जाने से कई मरीजों की चश्मे पर निर्भरता भी कम हो सकती है। यह तकनीक विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों के लिए लाभकारी है तथा चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीज भी सुरक्षित रूप से इसका लाभ ले सकते हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को धुंधला दिखाई देना, रात में देखने में कठिनाई, रोशनी से परेशानी अथवा मोतियाबिंद के अन्य लक्षण महसूस हों तो उपचार में विलंब न करें। समय पर जांच एवं ऑपरेशन कराने से दृष्टि सुरक्षित रहती है और अंधत्व जैसी गंभीर स्थिति से बचाव संभव है। जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम में फेको मशीन की उपलब्धता से अब जिले एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी। सरकारी अस्पताल में आधुनिक तकनीक एवं अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ की देखरेख में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होने से आमजन को बड़ी राहत मिल रही है।
