नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 26,सितम्बर,2026 (हिन्द संतरी ) मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नर्मदापुरम वृत के अन्तर्गत नर्मदापुरम टाउन जोन-2 के सदर बाजार में राजस्व वसूली एवं शासकीय कार्य के दौरान ड्यूटी पर तैनात बिजलीकर्मी से दुर्व्यवहार व मारपीट करने वाले आरोपित के खिलाफ थाना कोतवाली जिला नर्मदापुरम में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
महाप्रबंधक नर्मदापुरम वृत्त श्री विनीत बागड़े ने बताया कि कनिष्ठ यंत्री श्री उमाकांत यादव एवं कंपनी की टीम द्वारा शनिवार को नर्मदापुरम टाउन जोन-2 अंतर्गत गुप्ता नर्सिंग होम के पीछे, सदर बाजार स्थित श्री दीपक मनसोरिया के परिसर में अवैध रूप से विद्युत का उपयोग किये जाने के विरूद्ध विजिलेंस दल द्वारा अधिरोपित राशि रूपये 54 हजार की राजस्व वसूली एवं अवैध रूप से जोड़ी गई लाइन को विद्युत पोल से विच्छेदित करने की कार्यवाही की जा रही थी। इसी दौरान देव परते पिता श्री रामदास परते द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए ड्यूटी पर तैनात कनिष्ठ यंत्री श्री उमाकांत यादव के साथ गाली गलौच करते हुए मारपीट, जान से मारने की धमकी तथा शासकीय कार्य में बाधा डाली गई।
इस संबंध में कंपनी द्वारा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आरोपी देव परते पिता श्री रामदास परते के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 132, 296(b), 115(2), 351(3) एवं 324(4) के तहत थाना कोतवाली नर्मदापुरम में एफआईआर दर्ज कराई गई है। थाना कोतवाली नर्मदापुरम ने प्रकरण पर संज्ञान लेकर विवेचना शुरू कर दी है।
बिजली कंपनी के मैदानी कर्मचारियों और अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट / दुर्व्यवहार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने तुरन्त एफ.आई. आर. कराने के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने कहा है कि प्रायः देखने में आ रहा है कि बिजली कर्मियों पर ड्यूटी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट / दुर्व्यवहार किया जा रहा है। चूंकि ऐसी घटनाएं विद्युत अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल गिराती हैं, इसलिए कंपनी के कार्यक्षेत्र में कार्यरत सभी नियंत्रणकर्ता अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मैदानी अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार या मारपीट की घटनाओं को पूरी गंभीरता से लिया जाए।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों से दुर्व्यवहार या मारपीट के मामलों को शासकीय कामकाज में बाधा डालने के तौर पर लिया जाकर तुरंत कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने मैदानी अधिकारियों/कर्मचारियों से कहा है कि विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जिले के कलेक्टर / पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर किसी भी अप्रिय स्थिति में उनसे आवश्यक सहयोग प्राप्त करें।
