बधाई के साथ तीखा संदेश
आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा,
बच्चे मासूम होते हैं और उनकी भावनाएं सार्वभौमिक हैं
लेविट को अपनी खुशी के साथ उन मांओं का दर्द भी याद रखना चाहिए जिन्होंने संघर्ष में अपने बच्चे खोए
मीनाब स्कूल में मारे गए बच्चों को भी उतना ही मासूम बताया गया।ईरान ने अपने संदेश में यह भी संकेत दिया कि इस तरह की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
क्या है मीनाब स्कूल हमला मामला?
ईरान का दावा है कि 28 फरवरी को मीनाब क्षेत्र के एक स्कूल पर हुए हमले में भारी जनहानि हुई थी।ईरान के अनुसार: करीब 168 लोगों की मौत।
मृतकों में बच्चे, शिक्षक और आम नागरिक शामिल
ईरान ने इस घटना के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार बताया
हालांकि, इस घटना को लेकर अलग-अलग देशों और रिपोर्ट्स में भिन्न दावे सामने आते रहे हैं और आधिकारिक पुष्टि को लेकर मतभेद हैं।
Congratulations to you. Children are innocent and lovable. Those 168 children that your boss killed in the school in Minab, and you justified, were also children. When you kiss your baby, think of the mothers of those children. https://t.co/uhypZFhRRf
— IRI Embassy in Armenia (@iraninyerevan) May 9, 2026
अमेरिकी पक्ष ने शुरुआती प्रतिक्रिया में कहा था कि,अमेरिका नागरिकों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाता। घटना संभवतः तकनीकी चूक या मिसफायर का परिणाम हो सकती हैमामले की अलग-अलग जांच रिपोर्ट सामने आई हैं।
ट्रंप के बयानों से बढ़ा विवाद
इस मामले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान भी सुर्खियों में रहे! उन्होंने बिना प्रमाण ईरान को जिम्मेदार ठहराया थाबाद में दावा किया कि ईरान के पास ऐसी मिसाइल क्षमता है, जिसे विशेषज्ञों ने गलत बताया।बाद में जब रिपोर्ट पर सवाल हुआ तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई
On May 1st, Viviana aka “Vivi” joined our family, and our hearts instantly exploded with love. 💕
She is perfect and healthy, and her big brother is joyfully adjusting to life with his new baby sister. We are enjoying every moment in our blissful newborn bubble.
Thank you to… pic.twitter.com/wM1P1zEGsa
— Karoline Leavitt (@karolineleavitt) May 7, 2026
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम केवल शिष्टाचार संदेश नहीं, बल्कि
अमेरिका पर नैतिक दबाव बनाने की कोशिश
मानवीय संवेदनाओं के जरिए वैश्विक विमर्श प्रभावित करने का प्रयास
पहले से तनावपूर्ण रिश्तों में नई तल्खी जोड़ने वाला कदम
कैरोलिन लेविट को दी गई बधाई के साथ मीनाब स्कूल हमले का जिक्र एक बार फिर अमेरिका-ईरान संबंधों की जटिलता को सामने लाता है। जहां यह संदेश मानवीय भावनाओं से जुड़ा प्रतीत होता है, वहीं इसके पीछे कूटनीतिक और राजनीतिक संदेश भी साफ तौर पर देखा जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहराने की आशंका बनी हुई है।
