इस प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को प्रत्येक राज्य में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना, राष्ट्रीय स्तर पर खेल उत्कृष्टता केंद्र और मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने के सुझाव भी प्रस्तुत किए। इसके अलावा, ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की खोज और उन्हें उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
विशेष रूप से, ABVP ने 2036 ओलंपिक की तैयारियों के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसमें खिलाड़ियों के लिए स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा, स्पोर्ट्स सामग्री बैंक, राष्ट्रीय डिजिटल एथलीट पोर्टल और ‘माई भारत’ वालंटियर्स के मानदेय में वृद्धि जैसी सिफारिशें शामिल थीं। इन सभी सुझावों को केंद्रीय मंत्री ने गंभीरता से लिया और कई मामलों में सरकार द्वारा शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पंजाब विश्वविद्यालय में ओलंपिक मानक के सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक की स्थापना इस चर्चा की प्रमुख उपलब्धि मानी जा रही है। निर्माण कार्य की प्रक्रिया को अगले दो से तीन महीनों में तेज़ गति से आगे बढ़ाने की जानकारी दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ट्रैक न केवल छात्रों और एथलीटों के प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाएगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारत की तैयारी को भी मजबूत करेगा।
सरकारी अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में ‘स्पोर्ट्स सामग्री बैंक’ स्थापित करने की योजना की भी सराहना की। यह पहल खिलाड़ियों को आवश्यक खेल उपकरण और संसाधन प्रदान करने में मदद करेगी। मंत्रालय ने बताया कि इस दिशा में जल्द ही सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
ABVP का मानना है कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी संपत्ति है और इसे खेल के माध्यम से सशक्त बनाने से न केवल खेल क्षेत्र में बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान मिलेगा। आधुनिक खेल अवसंरचना, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने से भारत वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की ओर तेजी से बढ़ सकता है।
छात्र संगठन ने सरकार के सकारात्मक आश्वासनों का स्वागत किया और कहा कि शीघ्र और प्रभावी निर्णयों से देश में खेल संस्कृति को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही यह पहल युवाओं और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की परियोजनाएं भविष्य में देश की अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धा में बढ़त बनाने में निर्णायक साबित होंगी।
पंजाब विश्वविद्यालय में इस उच्च स्तरीय ट्रैक के निर्माण से राज्य और देश दोनों में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के अवसर मिलेंगे। इस परियोजना से न केवल छात्रों और एथलीटों का विकास होगा बल्कि खेल क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
