एक हालिया इंटरव्यू में इस्माइल दरबार ने बताया कि यह गाना सिर्फ दर्शकों को ही नहीं, बल्कि फिल्म के मुख्य अभिनेता Salman Khan को भी गहराई से प्रभावित करता था। उनके अनुसार, जब भी सलमान यह गाना सुनते थे तो भावुक हो जाते थे और कई बार उनकी आंखों से आंसू निकल आते थे।
इस्माइल दरबार ने बताया कि एक दिन फिल्म के निर्देशक Sanjay Leela Bhansali के साथ गाने की रिकॉर्डिंग और सुनवाई का दौर चल रहा था। उसी दौरान माहौल अचानक गंभीर हो गया। जब उन्होंने कारण पूछा तो सलमान ने कहा कि यह गाना उन्हें बेहद दर्द देता है और जब भी वह इसे सुनते हैं तो भावनाओं पर काबू नहीं रख पाते।
संगीतकार के मुताबिक सलमान ने उनसे अनुरोध भी किया था कि इस गाने को उनके सामने बार-बार न बजाया जाए, क्योंकि इसके बोल और संगीत उनके दिल को गहराई से छू जाते हैं। इस्माइल दरबार ने कहा कि उन्होंने सलमान को उस समय बेहद बेचैन और भावुक अवस्था में देखा था। उनके अनुसार, अभिनेता को कई बार रोते और दर्द में चिल्लाते हुए भी देखा गया।
फिल्म से जुड़ी यादों को साझा करते हुए इस्माइल दरबार ने यह भी कहा कि उस दौर में पूरी टीम के बीच पारिवारिक माहौल था। यही वजह थी कि फिल्म में दिखी भावनाएं पर्दे पर भी वास्तविक महसूस हुईं।
इससे पहले निर्देशक Sanjay Leela Bhansali भी फिल्म के सेट के माहौल को याद कर चुके हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि फिल्म के दौरान कलाकारों और तकनीकी टीम के बीच सिर्फ पेशेवर रिश्ता नहीं था, बल्कि सभी एक परिवार की तरह जुड़े हुए थे। सेट पर प्यार, सम्मान और अपनापन साफ दिखाई देता था।
गौरतलब है कि फिल्म में Aishwarya Rai Bachchan और सलमान खान की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। फिल्म की रिलीज के बाद दोनों के रिश्तों को लेकर भी काफी चर्चाएं हुईं। हालांकि बाद के वर्षों में दोनों ने कभी साथ काम नहीं किया।
वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान हाल ही में Sikandar में नजर आए थे। वहीं आने वाले समय में वह नई फिल्मों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते दिखाई देंगे। दूसरी ओर, ‘तड़प-तड़प’ जैसे गीत आज भी यह साबित करते हैं कि अच्छा संगीत समय की सीमाओं से परे जाकर लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहता है।
