बुधवार की शुरुआत प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करने से करें। स्नान के बाद साफ और हरे रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल की सफाई करके भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद भगवान गणेश को गंगाजल अर्पित करें और हरे रंग के फूल, दूर्वा घास, सिंदूर तथा मोदक का भोग लगाएं। गणेश जी को दूर्वा अत्यंत प्रिय है, इसलिए कम से कम 21 दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है।
पूजा के दौरान सबसे पहले दीपक जलाएं और भगवान गणेश का ध्यान करें। इसके बाद “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। यदि समय कम हो तो 21 या 51 बार भी जाप किया जा सकता है। गणेश अथर्वशीर्ष, गणेश चालीसा या संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करने से भी विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार का संबंध बुध ग्रह से है। जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर हो या शिक्षा, व्यापार, संचार और निर्णय क्षमता से जुड़ी समस्याएं हों, उन्हें बुधवार के दिन बुध ग्रह की पूजा भी करनी चाहिए। इसके लिए भगवान विष्णु का पूजन करें और “ॐ बुं बुधाय नमः” मंत्र का जाप करें। हरी मूंग, हरे फल या हरे वस्त्र का दान करना भी शुभ माना गया है।
बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाना, गरीबों को हरी मूंग दान करना और पक्षियों को दाना डालना भी पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन क्रोध, कटु वचन और झूठ बोलने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
व्यापार में वृद्धि और आर्थिक समृद्धि की कामना रखने वाले लोग बुधवार को गणेश मंदिर में जाकर लड्डू या मोदक का भोग लगाएं। इसके बाद प्रसाद को परिवार और जरूरतमंद लोगों में बांट दें। इससे घर में सुख-समृद्धि और शुभता का वास होता है।
बुधवार की पूजा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास भी प्रदान करती है। नियमित रूप से भगवान गणेश की आराधना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सफलता के नए मार्ग खुलते हैं। इसलिए बुधवार के दिन श्रद्धा, विश्वास और नियमपूर्वक पूजा करके भगवान गणेश और बुध ग्रह का आशीर्वाद प्राप्त करें।
