दिव्यांका की मृत्यु के बाद उनका एक पुराना संदेश तेजी से चर्चा में आ गया है, जिसे पढ़कर हर किसी का दिल भर आ रहा है। कुछ समय पहले साझा किए गए इस संदेश में दिव्यांका ने ईश्वर के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की थी। मरून रंग की पगड़ी पहने हुए अपनी एक तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा था कि महादेव उन्हें अपने साथ ले चलें। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि उनकी यह आध्यात्मिक पुकार इतनी जल्दी और इस रूप में सच हो जाएगी। आज उनके चाहने वाले उसी संदेश को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। प्रशंसकों का कहना है कि एक प्रतिभावान कलाकार का इस तरह जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में जन्मी दिव्यांका का जीवन सपनों को हकीकत में बदलने की एक कहानी रहा है। उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा में एमबीए की डिग्री भी हासिल की थी। शिक्षित और जागरूक होने के बावजूद उनका रुझान हमेशा से अभिनय की ओर रहा। बचपन से ही कला के प्रति समर्पित दिव्यांका ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए की थी, जहाँ उनकी प्रतिभा को दर्शकों का भरपूर समर्थन मिला। इसी लोकप्रियता ने उनके लिए संगीत और अभिनय की दुनिया के दरवाजे खोल दिए, जिसके बाद उन्होंने दर्जनों प्रसिद्ध प्रोजेक्ट्स में अपनी छाप छोड़ी।
दिव्यांका ने अपने करियर के दौरान 50 से अधिक संगीत वीडियो में काम किया और कई स्थापित कलाकारों के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया। उनकी कड़ी मेहनत का ही परिणाम था कि डिजिटल जगत में उनके चाहने वालों की संख्या करोड़ों में पहुँच गई थी। जानकारी के अनुसार, अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इतनी कम उम्र में इस तरह के हादसे ने स्वास्थ्य के प्रति भी लोगों को चिंता में डाल दिया है। एक सक्रिय और ऊर्जावान कलाकार का इस तरह चले जाना सभी को खटक रहा है।
दिव्यांका सिरोही की अंतिम विदाई की प्रक्रिया उनके निवास स्थान के पास संपन्न होगी, जहाँ कला जगत के कई लोग और उनके प्रशंसक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुँचेंगे। एक हंसमुख और सकारात्मक व्यक्तित्व के रूप में पहचानी जाने वाली दिव्यांका की कमी हमेशा महसूस की जाएगी। उन्होंने हमेशा अपनी कला के माध्यम से लोगों का मनोरंजन करने का लक्ष्य रखा था। आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी अदाकारी और उनकी यादें उनके करोड़ों चाहने वालों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी। क्षेत्रीय सिनेमा ने निश्चित रूप से एक बहुत ही होनहार और समर्पित कलाकार को खो दिया है।
