सैफ अली खान ने कहा कि ‘दिल चाहता है’ की शूटिंग उनके करियर के सबसे सुखद और यादगार अनुभवों में से एक रही। उनके अनुसार फिल्म की शूटिंग के दौरान पूरा माहौल बेहद सकारात्मक और उत्साहपूर्ण था। युवा कलाकारों की टीम, खूबसूरत लोकेशन और एक नई तरह की कहानी ने इस प्रोजेक्ट को सभी के लिए खास बना दिया था।
अभिनेता ने विशेष रूप से गोवा में हुई शूटिंग को याद करते हुए बताया कि उस दौर में वे सभी कलाकार काफी युवा थे और काम के साथ-साथ जीवन का भरपूर आनंद भी लेते थे। समुद्र किनारे शूटिंग, दोस्तों के साथ समय बिताना और विभिन्न स्थानों पर घूमना उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया। उन्होंने कहा कि फिल्म की पूरी टीम के बीच गहरी दोस्ती और सहजता थी, जिसका असर पर्दे पर भी साफ दिखाई दिया।
सैफ के अनुसार फिल्म की सफलता के पीछे निर्देशक फरहान अख्तर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि सेट पर फरहान का आत्मविश्वास और काम करने का तरीका बेहद प्रभावशाली था। पहली बार निर्देशन कर रहे होने के बावजूद उनके काम में कहीं भी असमंजस या दबाव दिखाई नहीं देता था। सैफ ने कहा कि उन्हें उस समय ही महसूस हो गया था कि फरहान निर्देशन की कला को बहुत अच्छी तरह समझते हैं।
उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान कलाकारों को अपने किरदारों और संवादों पर ध्यान देने की पूरी स्वतंत्रता दी गई थी। निर्देशक ने पूरे प्रोजेक्ट को इतनी सहजता से संभाला कि कलाकारों को किसी अतिरिक्त दबाव का सामना नहीं करना पड़ा। यही वजह थी कि फिल्म की शूटिंग एक काम की बजाय यादगार अनुभव जैसी महसूस होती थी।
वर्ष 2001 में रिलीज हुई ‘दिल चाहता है’ ने उस दौर के युवाओं की सोच, दोस्ती और रिश्तों को आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया था। फिल्म में Aamir Khan, Saif Ali Khan और Akshaye Khanna की तिकड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। इसके अलावा Preity Zinta, Dimple Kapadia और Sonali Kulkarni ने भी अपनी भूमिकाओं से फिल्म को मजबूती दी थी।
फिल्म को केवल व्यावसायिक सफलता ही नहीं मिली, बल्कि इसने हिंदी सिनेमा में दोस्ती और युवा जीवन पर आधारित फिल्मों की प्रस्तुति का तरीका भी बदल दिया। इसके संवाद, संगीत, पात्र और कहानी आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। यही कारण है कि रिलीज के ढाई दशक बाद भी ‘दिल चाहता है’ को आधुनिक हिंदी सिनेमा की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना जाता है।
आज जब फिल्म अपने 25 वर्ष पूरे करने की ओर बढ़ रही है, तब कलाकारों की यादें और दर्शकों का प्रेम यह साबित करता है कि कुछ फिल्में समय के साथ पुरानी नहीं होतीं, बल्कि पीढ़ियों तक लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखती हैं।
