भोपाल 02 सितम्बर 2026,(हिन्द संतरी )स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, क्षेत्रीय इकाई इंदौर द्वारा अंतर्राज्यीय स्तर पर जलीय वन्यजीवों की अवैध तस्करी करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ की गई कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। माननीय सत्र न्यायालय, इंदौर द्वारा वन अपराध प्रकरण में शामिल आरोपी रोहन गौड़ की नियमित जमानत याचिका एवं सह-आरोपी रौनक जुनेजा की अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया गया है।
19 अगस्त को स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स इंदौर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर तीन इमली चौराहा, इंदौर से आरोपी रोहन गौड़ एवं केशव शर्मा को पकड़ा था। आरोपियों के कब्जे से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में उल्लेखित विभिन्न प्रजातियों के 30 नग दुर्लभ जीवित कछुए (इंडियन स्टार टॉरटॉयज, इंडियन रूफ्ड टर्टल, स्पॉटेड पोंड टर्टल आदि), मोटरसाइकिल एवं 3 मोबाइल फोन जब्त कर गिरफ्तार किया गया था। आगे की विवेचना एवं पूछताछ के आधार पर कनाड़िया रोड स्थित परिसर से अनुसूची-1 का 1 अन्य कछुआ एवं अनुसूची-2 का 1 जीवित ‘रोज-रिंग्ड पैराकीट’ पक्षी भी जब्त किया गया। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत विवेचना जारी है।
माननीय सत्र न्यायालय, इंदौर (विशेष न्यायालय क्र.-7) ने एसटीएसएफ द्वारा प्रस्तुत केस डायरी एवं लिखित आपत्तियों से सहमत होते हुए माना कि यह दुर्लभ वन्यजीवों की संगठित एवं अंतर्राज्यीय तस्करी से जुड़ा गंभीर अपराध है। विवेचना प्रारंभिक स्तर पर होने, फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा बैंक खातों से अवैध लेन-देन जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के एकत्रीकरण के लिये आरोपियों को जमानत का लाभ देना उचित नहीं है।
