आश्विन रावल वकुल ब्यूरो चीफ
भोपाल 07 सितम्बर 7, 2026, (हिन्द संतरी ) प्रदेश भी गज़ब है, इसके हर शहर के हर मोहल्ले ओर हर गली में अवैध शराब का कारोबार चरम पर है किन्तु मजाल है कानून व्यवस्था को खरोंच आए, सभी कानून व्यवस्था की देखभाल करने वाले पुलिस अधिकारी, आबकारी अधिकारी आदि की जेबें भर दी जाती है ओर वे शराबियों से ज्यादा नशे मे व्यवस्था की तरीफे करने से नहीं अघाते? अब सागर में जिन परिवारों के 22 लोग मरने से उनके परिवार उजड़े है, उनके लिए सरकार ने 4 -4 लाख रुपए सहायता देकर ब भामाशाह का काम किया है ओर जो अस्पतालों में 112 लोग गंभीरवस्था मे भर्ती किए गए कहीं उनकी जान अस्पताल ओर डाक्टरों की लापरवाही से न निकल जाये इस बात के लिए प्रदेश सरकार को चिंता हुई ओर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने मरीजों से मिलने पहुचे ओर मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं तथा पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूरे प्रकरण में कठोर कार्रवाई करने की बात की है। श्री देवड़ा ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी शराब दुकानों की जांच, स्टॉक की नियमित निगरानी तथा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री से जुड़े नेटवर्क की गहन जांच करें और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करें। इधर इस भीषण अवैध शराब कारोबार से मौत बेचेने वाले लोगों पर थाना बंडा में भारतीय न्याय संहिता और मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के विभिन्न प्रावधानों के तहत 30 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
उप मुख्यमंत्री मरीज और उनके परिजनों से मिले
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने सोमवार को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर आईसीयू एवं क्रिटिकल केयर वार्ड में भर्ती मरीजों मिले। उन्होंने उनके स्वास्थ्य की जानकारी डॉक्टरों से प्राप्त कर निर्देश दिये कि ईलाज की सभी व्यवस्था की जाये। मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों से भी चर्चा कर उन्हें आश्वस्त किया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम 24 घंटे उपलब्ध रहे तथा दवाओं, उपकरणों और अन्य चिकित्सा संसाधनों की कोई कमी न होने दी जाए।
