Skip to content
April 22, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
  • whatsapp
hindsantri.com

hindsantri.com

ताजा खबरों की

banner-promo-full-red

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
  • whatsapp
Primary Menu
  • भारत
  • विदेश
  • मध्‍य प्रदेश
    • भोपाल संभाग
    • इंदौर संभाग
    • उज्जैन संभाग
    • ग्वालियर संभाग
    • चंबल संभाग
    • जबलपुर संभाग
    • नर्मदापुरम संभाग
    • रीवा संभाग
    • शहडोल संभाग
    • सागर संभाग
  • आर्थिक
  • खेल समाचार
  • सिनेमा जगत
  • विविधा
    • तकनीकी
    • व्यंग्य
    • आलोचना
    • संस्कृति
    • पुरातत्व
    • कलाजगत
    • महिला जगत
    • बालजगत
  • साहित्य/आध्यात्म
    • विचार
    • धर्म
    • लेख
    • पुस्तक समीक्षा
    • साक्षात्कार
  • Admin Panel
  • हमारे बारे में
  • प्रेस विज्ञप्ति
  • Press Release
  • Home
  • आर्थिक
  • रबी फसलों की बुवाई में जबरदस्त तेजी, कुल क्षेत्र 208.19 लाख हेक्टेयर के पार
  • आर्थिक

रबी फसलों की बुवाई में जबरदस्त तेजी, कुल क्षेत्र 208.19 लाख हेक्टेयर के पार

Atmaram yadav November 18, 2025 1 minute read

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Click to share on X (Opens in new window) X
  • Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
  • Click to share on Telegram (Opens in new window) Telegram
rubi1-1763460819
Post Views: 48

नई दिल्लीभारत में रबी फसलों की बुवाई ने इस वर्ष मजबूत शुरुआत की है और कुल बीजाई क्षेत्र बढ़कर 208.19 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 19.46 लाख हेक्टेयर अधिक है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी 11 नवंबर तक के ताज़ा आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि किसानों ने इस बार दालों, श्री अन्न मोटे अनाज, तिलहनी फसलों और गेहूं की बुवाई में तेज़ी लाई है। मौसमी परिस्थितियों में सुधार और सर्दियों की शुरुआत के साथ बुवाई गतिविधियों में आने वाले हफ्तों में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।

दालों की बुवाई में उल्लेखनीय बढ़त
रिपोर्ट के अनुसार रबी सीज़न में दालों की बुवाई ने पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। इस बार दालों का कुल क्षेत्र बढ़कर 52.82 लाख हेक्टेयर हो गया है जबकि पिछली बार यह आंकड़ा 48.93 लाख हेक्टेयर था। यानी इस बार 3.88 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि किसान दालों की मांग और बेहतर बाज़ार कीमतों को देखते हुए इसकी खेती की ओर अधिक आकर्षित हुए हैं।
दालों में सबसे अधिक योगदान देने वाली फसल चना रही, जिसकी बुवाई 37.43 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3.39 लाख हेक्टेयर अधिक है। चना रबी सीज़न की सबसे महत्वपूर्ण फसल है और इसकी बढ़ी हुई बुवाई खाद्य सुरक्षा के लिहाज से सकारात्मक संकेत देती है।
इसी तरह मसूर लेंटिल का क्षेत्र बढ़कर 6.83 लाख हेक्टेयर हो गया है, जिसमें 0.74 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। मसूर की बढ़ती बुवाई घरेलू बाजार में उपलब्धता को बेहतर बनाएगी और कीमतों को स्थिर रखने में मदद करेगी।
फील्ड मटर की बुवाई भी बढ़कर 4.75 लाख हेक्टेयर हो गई है, जो पिछले वर्ष से 0.51 लाख हेक्टेयर अधिक है। दालों के इन तीन प्रमुख वर्गों में बढ़त रबी सीजन को मजबूत शुरुआत देती है। हालांकि, दालों के कुछ वर्गों जैसे उड़द, मूंग, कुसुम लथायरस और कुछ औ-दालों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन समग्र रूप से दाल वर्ग की स्थिति बेहतर बनी हुई है।
श्री अन्न मोटे अनाज की बुवाई में वृद्धि
मोटे अनाज, जिन्हें प्रधानमंत्री के श्री अन्न अभियान के तहत प्रोत्साहित किया जा रहा है, की बुवाई भी इस वर्ष बढ़ी है। श्री अन्न का कुल क्षेत्र बढ़कर 15.53 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 13.50 लाख हेक्टेयर था। यानी इस बार 2.04 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।
मोटे अनाजों के अंतर्गत
ज्वार की बुवाई 8.82 लाख हेक्टेयर पर पहुंच चुकी है। मक्का का क्षेत्र 4.26 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है। इसके अलावा रागी, जौ और विभिन्न प्रकार की छोटे बाजरा स्मॉल मिलेट्स फसलों में भी अच्छा-खासा सुधार दर्ज किया गया है। यह बढ़ोतरी भारत में पोषण संवर्धन और जलवायु-सहिष्णु फसलों को प्रोत्साहन देने के प्रयासों को मजबूती प्रदान करती है।
भारत में रबी फसलों की बुवाई ने इस वर्ष मजबूत शुरुआत की है और कुल बीजाई क्षेत्र बढ़कर 208.19 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 19.46 लाख हेक्टेयर अधिक है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी 11 नवंबर तक के ताज़ा आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि किसानों ने इस बार दालों, श्री अन्न मोटे अनाज, तिलहनी फसलों और गेहूं की बुवाई में तेज़ी लाई है। मौसमी परिस्थितियों में सुधार और सर्दियों की शुरुआत के साथ बुवाई गतिविधियों में आने वाले हफ्तों में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।

दालों की बुवाई में उल्लेखनीय बढ़त
रिपोर्ट के अनुसार, रबी सीज़न में दालों की बुवाई ने पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। इस बार दालों का कुल क्षेत्र बढ़कर 52.82 लाख हेक्टेयर हो गया है जबकि पिछली बार यह आंकड़ा 48.93 लाख हेक्टेयर था। यानी इस बार 3.88 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि किसान दालों की मांग और बेहतर बाज़ार कीमतों को देखते हुए इसकी खेती की ओर अधिक आकर्षित हुए हैं।
दालों में सबसे अधिक योगदान देने वाली फसल चना रही, जिसकी बुवाई 37.43 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3.39 लाख हेक्टेयर अधिक है। चना रबी सीज़न की सबसे महत्वपूर्ण फसल है और इसकी बढ़ी हुई बुवाई खाद्य सुरक्षा के लिहाज से सकारात्मक संकेत देती है।
इसी तरह मसूर लेंटिल का क्षेत्र बढ़कर 6.83 लाख हेक्टेयर हो गया है, जिसमें 0.74 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। मसूर की बढ़ती बुवाई घरेलू बाजार में उपलब्धता को बेहतर बनाएगी और कीमतों को स्थिर रखने में मदद करेगी।
फील्ड मटर की बुवाई भी बढ़कर 4.75 लाख हेक्टेयर हो गई है, जो पिछले वर्ष से 0.51 लाख हेक्टेयर अधिक है। दालों के इन तीन प्रमुख वर्गों में बढ़त रबी सीजन को मजबूत शुरुआत देती है। हालांकि, दालों के कुछ वर्गों जैसे उड़द, मूंग, कुसुम लथायरस और कुछ औ-दालों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन समग्र रूप से दाल वर्ग की स्थिति बेहतर बनी हुई है।
श्री अन्न मोटे अनाज की बुवाई में वृद्धि
मोटे अनाज, जिन्हें प्रधानमंत्री के श्री अन्न अभियान के तहत प्रोत्साहित किया जा रहा है, की बुवाई भी इस वर्ष बढ़ी है। श्री अन्न का कुल क्षेत्र बढ़कर 15.53 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 13.50 लाख हेक्टेयर था। यानी इस बार 2.04 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।
मोटे अनाजों के अंतर्गत
ज्वार की बुवाई 8.82 लाख हेक्टेयर पर पहुंच चुकी है। मक्का का क्षेत्र 4.26 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है। इसके अलावा रागी, जौ और विभिन्न प्रकार की छोटे बाजरा स्मॉल मिलेट्स फसलों में भी अच्छा-खासा सुधार दर्ज किया गया है। यह बढ़ोतरी भारत में पोषण संवर्धन और जलवायु-सहिष्णु फसलों को प्रोत्साहन देने के प्रयासों को मजबूती प्रदान करती है।

तिलहनी फसलों की बुवाई भी इस बार बेहतर रही है।
कुल तिलहनी क्षेत्र बढ़कर 66.17 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 3.24 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्शाता है। भारत में तिलहनी फसलों का सबसे बड़ा हिस्सा सरसों का है, और इस बार रेपसीड एवं सरसों की बुवाई बढ़कर 64.23 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गई है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3.71 लाख हेक्टेयर अधिक है। सैफ्लॉवर (कुसुम) और सूरजमुखी की बुवाई में भी हल्की वृद्धि हुई है। इसके विपरीत मूंगफली, तिल और अलसी (लिनसीड) में थोड़ी कमी देखी गई है, लेकिन कुल मिलाकर तिलहनी क्षेत्र की स्थिति सकारात्मक मानी जा रही है।

गेहूं और चावल की बुवाई में सुधार
भारत की खाद्य सुरक्षा में गेहूं की भूमिका अहम है। इस बार गेहूं की बुवाई तेजी से आगे बढ़ी है और कुल क्षेत्र बढ़कर 66.23 लाख हेक्टेयर हो गया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 9.68 लाख हेक्टेयर अधिक है। खेतों में नमी उपलब्ध होने और मौसम की स्थिति अनुकूल रहने से किसानों ने गेहूं की बुवाई जोर-शोर से शुरू कर दी है। इसी तरह, धान रबी धान या गर्मी के बाद का सीजन का क्षेत्र बढ़कर 7.44 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.62 लाख हेक्टेयर अधिक है।

आने वाले हफ्तों में और तेजी की उम्मीद
कुल मिलाकर रबी फसलों का बुवाई क्षेत्र इस बार तेज़ी से बढ़ा है और 208.19 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 188.73 लाख हेक्टेयर था। मंत्रालय का कहना है कि अगर आने वाले हफ्तों में सर्दियों की बारिश का पैटर्न सामान्य रहा,तो बुवाई में और तेजी देखी जा सकती है। यह वृद्धि खाद्य उत्पादन और देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
कुल तिलहनी क्षेत्र बढ़कर 66.17 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 3.24 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्शाता है। भारत में तिलहनी फसलों का सबसे बड़ा हिस्सा सरसों का है, और इस बार रेपसीड एवं सरसों की बुवाई बढ़कर 64.23 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गई है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3.71 लाख हेक्टेयर अधिक है। सैफ्लॉवर कुसुम और सूरजमुखी की बुवाई में भी हल्की वृद्धि हुई है। इसके विपरीत मूंगफली, तिल और अलसी लिनसीड में थोड़ी कमी देखी गई है, लेकिन कुल मिलाकर तिलहनी क्षेत्र की स्थिति सकारात्मक मानी जा रही है।

गेहूं और चावल की बुवाई में सुधार
भारत की खाद्य सुरक्षा में गेहूं की भूमिका अहम है। इस बार गेहूं की बुवाई तेजी से आगे बढ़ी है और कुल क्षेत्र बढ़कर 66.23 लाख हेक्टेयर हो गया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 9.68 लाख हेक्टेयर अधिक है। खेतों में नमी उपलब्ध होने और मौसम की स्थिति अनुकूल रहने से किसानों ने गेहूं की बुवाई जोर-शोर से शुरू कर दी है। इसी तरह, धान रबी धान या गर्मी के बाद का सीजन का क्षेत्र बढ़कर 7.44 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.62 लाख हेक्टेयर अधिक है।
आने वाले हफ्तों में और तेजी की उम्मीद
कुल मिलाकर रबी फसलों का बुवाई क्षेत्र इस बार तेज़ी से बढ़ा है और 208.19 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 188.73 लाख हेक्टेयर था। मंत्रालय का कहना है कि अगर आने वाले हफ्तों में सर्दियों की बारिश का पैटर्न सामान्य रहा,तो बुवाई में और तेजी देखी जा सकती है। यह वृद्धि खाद्य उत्पादन और देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।

About the Author

Avatar photo

Atmaram yadav

Editor

Visit Website View All Posts

Like this:

Like Loading...

Post navigation

Previous: भारतीय स्त्री शक्ति की प्रादेशिक बैठक संपन्न: प्रतिभा तिवारी बनीं नई प्रदेशाध्यक्ष, गीतांजलि चौरसिया प्रदेश सचिव निर्वाचित
Next: सलमान खान संग पूरे खानदान ने दी वर्षगांठ की खास मुबारकबाद

Related News

33-1776774733
  • आर्थिक

तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तूफानी तेजी सेंसेक्स 800 अंक उछला निफ्टी 24550 के पार

hindsantri April 21, 2026 0
32-1776774202
  • आर्थिक

सोने में फिर जोरदार उछाल चांदी की कीमत गिरी बाजार में बढ़ी हलचल 10 ग्राम गोल्ड ₹1.52 लाख के पार

hindsantri April 21, 2026 0
22-1776768522
  • आर्थिक

अदाणी पावर का न्यूक्लियर सेक्टर में बड़ा कदम नई सहायक कंपनी बनाकर ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार की दिशा में बढ़ाया कदम

hindsantri April 21, 2026 0

इन्‍हें भी पढ़ें

नर्मदापुरम में छात्रों के प्रोजेक्ट से आएगा सामाजिक बदलाव: डॉ. बकुल लाड नर्मदापुरम में छात्रों के प्रोजेक
  • नर्मदापुरम संभाग

नर्मदापुरम में छात्रों के प्रोजेक्ट से आएगा सामाजिक बदलाव: डॉ. बकुल लाड

April 22, 2026 0
रेत का अवैध कारोबार करते 3 डंफर जप्त ,जिले में अवैध उत्खनन पर कार्यवाही अवैध उत्खनन परिवहनभण
  • नर्मदापुरम संभाग

रेत का अवैध कारोबार करते 3 डंफर जप्त ,जिले में अवैध उत्खनन पर कार्यवाही

April 22, 2026 0
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय केसला में 30 अप्रेल तक कक्षा 11वीं में रिक्त सीटों में प्रवेश हेतु विदयार्थी कर सकते है आवेदन AsstCommVisit (1)
  • नर्मदापुरम संभाग

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय केसला में 30 अप्रेल तक कक्षा 11वीं में रिक्त सीटों में प्रवेश हेतु विदयार्थी कर सकते है आवेदन

April 22, 2026 0
जिलें के पहले कलेक्टर बने सोमेश मिश्रा , अपनी कुर्सी के बगल में कुर्सी पर बैठाकर शरबत पिलाने के बाद सुनी आवेदकों की समस्याए -121 आवेदनों का किया समाधान कलेक्टर सोमेश मिश्रा की पहल से जनसुनवाई में दिखा नवाचार (6)
  • नर्मदापुरम संभाग

जिलें के पहले कलेक्टर बने सोमेश मिश्रा , अपनी कुर्सी के बगल में कुर्सी पर बैठाकर शरबत पिलाने के बाद सुनी आवेदकों की समस्याए -121 आवेदनों का किया समाधान

April 22, 2026 0
मूलांक 1 से 9 तक का 21 अप्रैल 2026 अंक राशिफल, जानें मंगलवार का पूरा भविष्यफल 37-1776776648
  • साहित्य/आध्यात्म

मूलांक 1 से 9 तक का 21 अप्रैल 2026 अंक राशिफल, जानें मंगलवार का पूरा भविष्यफल

April 21, 2026 0
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में भर्ती का बड़ा अवसर डेटा एंट्री ऑपरेटर के 38 पदों पर आवेदन शुरू, 12 मई तक मौका 36-1776775701
  • भारत

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में भर्ती का बड़ा अवसर डेटा एंट्री ऑपरेटर के 38 पदों पर आवेदन शुरू, 12 मई तक मौका

April 21, 2026 0

Recent Posts

  • नर्मदापुरम में छात्रों के प्रोजेक्ट से आएगा सामाजिक बदलाव: डॉ. बकुल लाड
  • रेत का अवैध कारोबार करते 3 डंफर जप्त ,जिले में अवैध उत्खनन पर कार्यवाही
  • एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय केसला में 30 अप्रेल तक कक्षा 11वीं में रिक्त सीटों में प्रवेश हेतु विदयार्थी कर सकते है आवेदन
  • जिलें के पहले कलेक्टर बने सोमेश मिश्रा , अपनी कुर्सी के बगल में कुर्सी पर बैठाकर शरबत पिलाने के बाद सुनी आवेदकों की समस्याए -121 आवेदनों का किया समाधान
  • मूलांक 1 से 9 तक का 21 अप्रैल 2026 अंक राशिफल, जानें मंगलवार का पूरा भविष्यफल

You may have missed

नर्मदापुरम में छात्रों के प्रोजेक
  • नर्मदापुरम संभाग

नर्मदापुरम में छात्रों के प्रोजेक्ट से आएगा सामाजिक बदलाव: डॉ. बकुल लाड

Atmaram yadav April 22, 2026 0
अवैध उत्खनन परिवहनभण
  • नर्मदापुरम संभाग

रेत का अवैध कारोबार करते 3 डंफर जप्त ,जिले में अवैध उत्खनन पर कार्यवाही

Atmaram yadav April 22, 2026 0
AsstCommVisit (1)
  • नर्मदापुरम संभाग

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय केसला में 30 अप्रेल तक कक्षा 11वीं में रिक्त सीटों में प्रवेश हेतु विदयार्थी कर सकते है आवेदन

Atmaram yadav April 22, 2026 0
कलेक्टर सोमेश मिश्रा की पहल से जनसुनवाई में दिखा नवाचार (6)
  • नर्मदापुरम संभाग

जिलें के पहले कलेक्टर बने सोमेश मिश्रा , अपनी कुर्सी के बगल में कुर्सी पर बैठाकर शरबत पिलाने के बाद सुनी आवेदकों की समस्याए -121 आवेदनों का किया समाधान

Atmaram yadav April 22, 2026 0

हमारे बारे में

“hindsantri.com” में आप सभी का स्‍वागत है। यहां आपको देश और दुनिया की खबरें पढ़ने को मिलेंगी। इसके साथ ही कई अन्‍य कैटेगरी में खबरों को प्रसारित किया जाता है। प्रतिदिन पाठकों को नवीनतम समचार से अपडेट कराते रहेंगे।

Editor-in-Chief : Atmaram Yadav
Shri Jagannath Dham
Behind Kali Temple, Ward No. 31, Gwal Toli
Narmadapuram, 461001

Recent Posts

  • नर्मदापुरम में छात्रों के प्रोजेक्ट से आएगा सामाजिक बदलाव: डॉ. बकुल लाड
  • रेत का अवैध कारोबार करते 3 डंफर जप्त ,जिले में अवैध उत्खनन पर कार्यवाही
  • एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय केसला में 30 अप्रेल तक कक्षा 11वीं में रिक्त सीटों में प्रवेश हेतु विदयार्थी कर सकते है आवेदन
  • जिलें के पहले कलेक्टर बने सोमेश मिश्रा , अपनी कुर्सी के बगल में कुर्सी पर बैठाकर शरबत पिलाने के बाद सुनी आवेदकों की समस्याए -121 आवेदनों का किया समाधान
  • मूलांक 1 से 9 तक का 21 अप्रैल 2026 अंक राशिफल, जानें मंगलवार का पूरा भविष्यफल

Categories

Uncategorized आर्थिक इंदौर संभाग उज्जैन संभाग कविता कहानी खेल समाचार ग्वालियर संभाग चंबल संभाग जबलपुर संभाग तकनीकी धर्म नर्मदापुरम संभाग बिहार भारत भोपाल संभाग मध्‍य प्रदेश महिला जगत रीवा संभाग लाइफस्‍टाइल लेख विचार विदेश विविधा व्यंग्य शहडोल संभाग संस्कृति सागर संभाग साहित्य/आध्यात्म सिनेमा जगत
  • Facebook
  • Twitter
  • Youtube
  • Instagram
  • whatsapp
Copyright © All rights reserved. | hindsantri by AMAP themes.
%d