तीन देशों के आधिकारिक दौरे के तहत स्पेन पहुंचे पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच हुई बातचीत बेहद सकारात्मक और परिणामोन्मुख रही। उन्होंने बताया कि भारत और स्पेन ने नवीकरणीय ऊर्जा ग्रीन हाइड्रोजन उन्नत विनिर्माण डिजिटल प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचा नवाचार और सतत विकास जैसे भविष्य के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष सहमति बनाई है। इन क्षेत्रों में साझेदारी न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी बल्कि वैश्विक स्तर पर टिकाऊ विकास के लक्ष्यों को भी आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
बैठक के दौरान भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर भी गंभीर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करने पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता जल्द लागू होता है तो भारतीय उद्योगों को यूरोपीय बाजारों में अधिक अवसर मिलेंगे जबकि यूरोपीय निवेशकों के लिए भी भारत में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। इससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ रोजगार सृजन और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
पीयूष गोयल की यह यात्रा केवल स्पेन तक सीमित नहीं है। 13 से 17 जुलाई तक चलने वाले पांच दिवसीय यूरोप दौरे के दौरान वह बेल्जियम और फिनलैंड भी जाएंगे जहां व्यापार निवेश तकनीक नवाचार और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठकें होंगी। इस दौरे का उद्देश्य यूरोपीय देशों के साथ भारत की आर्थिक भागीदारी को और मजबूत बनाना तथा वैश्विक निवेशकों को भारत की विकास यात्रा से जोड़ना है।
स्पेन प्रवास के दौरान पीयूष गोयल की मुलाकात उद्योग एवं पर्यटन मंत्री जोर्डी हेरेउ बोहेर और विदेश यूरोपीय संघ एवं सहयोग मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस बुएनो से भी प्रस्तावित है। इसके अलावा वह भारत स्पेन बिजनेस राउंडटेबल की अध्यक्षता करेंगे जिसमें स्पेन की प्रमुख कंपनियों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस बैठक में भारत में उपलब्ध निवेश अवसरों को प्रस्तुत किया जाएगा तथा दोनों देशों के उद्योग जगत के बीच प्रत्यक्ष कारोबारी साझेदारी को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान रहेगा।
भारत और स्पेन के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। इसी वर्ष फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में भी व्यापार अर्थव्यवस्था स्वास्थ्य डिजिटल प्रौद्योगिकी शिक्षा नवाचार और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने की सहमति बनी थी। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों को मजबूत बनाने में स्पेन के सहयोग की सराहना भी की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और यूरोप की उन्नत तकनीकी क्षमता दोनों देशों के लिए परस्पर लाभकारी अवसर पैदा कर रही हैं। यदि व्यापारिक समझौतों को समय पर अंतिम रूप दिया जाता है और निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाता है तो भारत और स्पेन के आर्थिक संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। यह पहल भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में और अधिक मजबूत स्थान दिलाने के साथ यूरोप के साथ उसकी रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
