-20°C ठंड में बेसुध पड़ा मिला शख्स
रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्यक्ति शराब के नशे में बाहर गिर पड़ा था। उस समय तापमान लगभग -20 डिग्री सेल्सियस (-4°F) था। राहगीरों ने जब उसे देखा तो वह पूरी तरह बेहोश था और शरीर में कोई हरकत नहीं थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को न पल्स मिली, न सांस और न ही ECG में कोई हार्टबीट।
डॉक्टरों ने नहीं छोड़ी उम्मीद
मिरनी अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत उसे “ग्रेजुअल रीवॉर्मिंग” (धीरे-धीरे गर्म करने की प्रक्रिया) पर रखा।
डॉक्टरों ने करीब 4 घंटे तक उसके शरीर का तापमान धीरे-धीरे बढ़ाया—25°C से 34°C तक।
यदि शरीर को अचानक गर्म किया जाता, तो दिल और नसों के फटने का खतरा था। इसलिए बेहद सावधानी से इलाज किया गया।
फिर लौटी धड़कन
जब शरीर का तापमान 34°C के करीब पहुंचा, तो डॉक्टरों ने CPR और जीवन रक्षक दवाएं दीं।
करीब 25 मिनट बाद मॉनिटर पर हल्की हार्टबीट दिखाई दी-और यहीं से उसकी वापसी शुरू हो गई।
ठंड बनी ‘रक्षक’, नहीं तो मौत तय थी
डॉक्टरों के अनुसार, यह मामला इसलिए खास है क्योंकि अत्यधिक ठंड ने शरीर को “प्रिजर्वेशन मोड” में डाल दिया था। इस स्थिति में शरीर की ऑक्सीजन जरूरत बहुत कम हो जाती है, जिससे अंग लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 24 घंटे कोमा में रहने के बाद वह व्यक्ति पूरी तरह होश में आया।
सिर्फ 5 दिन बाद वह बिना किसी गंभीर दिमागी या अंग क्षति के अपने पैरों पर चलकर अस्पताल से बाहर चला गया।
