पहला मामला मिसरोद थाना क्षेत्र का है जहां सलैया निवासी 48 वर्षीय रोहित वर्मा साइबर ठगी का शिकार बने। निजी बैंक से सेवानिवृत्त रोहित वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन के माध्यम से उन्होंने एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड किया जिसके बाद उनसे संपर्क कर निवेश पर मोटे मुनाफे का दावा किया गया। शुरुआती बातचीत और भरोसा दिलाने के बाद आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग चरणों में करीब 23 लाख रुपए निवेश करने के लिए तैयार कर लिया।
जब निवेश की रकम बढ़ती गई तो रोहित वर्मा को भरोसा हो गया कि उन्हें अच्छा लाभ मिलेगा। लेकिन जब उन्होंने अपने निवेश की राशि और मुनाफा वापस मांगना शुरू किया तो आरोपियों ने संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस अब इस मामले में उपयोग किए गए बैंक खातों मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
दूसरा मामला निशातपुरा थाना क्षेत्र का है जहां पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट नीरज तिवारी को रियल एस्टेट कारोबार में निवेश का झांसा देकर 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। शिकायत के अनुसार उन्होंने अपने रिश्तेदार संजय तिवारी के कहने पर रियल एस्टेट कारोबार में निवेश के लिए 10 लाख रुपए दिए थे। शुरुआत में आरोपी ने कारोबार में अच्छा लाभ मिलने का भरोसा दिलाया लेकिन समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की।
बताया गया कि पिछले वर्ष आरोपी ने केवल 2 लाख रुपए लौटाए और शेष राशि जल्द देने का आश्वासन देता रहा। लंबे समय तक टालमटोल के बाद जब पूरी रकम वापस नहीं मिली तो पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन निवेश और अधिक मुनाफे का लालच देने वाले विज्ञापनों से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान ऐप या व्यक्ति के कहने पर बड़ी रकम निवेश करने से पहले उसकी पूरी जानकारी और वैधता की जांच करना जरूरी है। वहीं रिश्तेदारी या जान-पहचान के आधार पर भी बिना लिखित दस्तावेज और कानूनी सुरक्षा के बड़ी रकम निवेश करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध निवेश प्रस्ताव या साइबर धोखाधड़ी की जानकारी तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
