जानकारी के अनुसार, बस रात करीब 10 बजे ग्वालियर से इंदौर के लिए रवाना हुई थी। रात लगभग 11 बजे जैसे ही बस पनिहार क्षेत्र में हाईवे पर पहुंची, उसके इंजन और पिछले हिस्से से धुआं निकलने लगा। कुछ ही सेकंड में धुआं तेज आग की लपटों में बदल गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति बिगड़ते देख ड्राइवर और क्लीनर ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और बस को सड़क किनारे रोक दिया। इसके बाद यात्रियों को तेजी से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गया। आग तेजी से फैल रही थी, जिससे मुख्य दरवाजे के पास भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई यात्रियों ने जान बचाने के लिए बस की खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर छलांग लगा दी।
स्थानीय राहगीरों और बस स्टाफ की मदद से कुछ ही मिनटों में सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना की सूचना मिलते ही पनिहार थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात भी रोक दिया गया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि बस में तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से आग लगी थी या नहीं।
इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन उनका सामान जलकर नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है।
