मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य की तकनीकों को अपनाने और उद्योगों के लिए आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, जो कौशल विकास, अनुसंधान, उद्योगों के साथ सहयोग और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भी की जाएगी, जिससे एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहन मिलेगा।
राज्य सरकार ने आईटी अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाओं की भी घोषणा की है। भोपाल आईटी पार्क में नया आईटी टॉवर विकसित किया जाएगा, जहां जीसीसी, आईटी और डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए आधुनिक प्लग-एंड-प्ले कार्यालय उपलब्ध होंगे। भोपाल के कोलार क्षेत्र में भी इसी सुविधा से युक्त नया आईटी पार्क बनाया जाएगा, ताकि नई तकनीकी कंपनियां कम समय में अपना संचालन शुरू कर सकें। वहीं इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में लगभग तीन लाख वर्ग फीट निर्मित क्षेत्र वाला अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा, जहां विश्वस्तरीय डिजिटल और आईटी कंपनियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार के सहयोग से मंथन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और ग्लोबल स्किल्स पार्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों के माध्यम से नवाचार, अनुसंधान, उद्योग-अकादमिक सहयोग और आधुनिक तकनीकी कौशल को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश साइंस सिटी, डीप टेक पार्क, डेटा सेंटर और एआई आधारित परियोजनाओं के माध्यम से नई तकनीकों को तेजी से अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सरकार के अनुसार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के बाद तकनीकी क्षेत्र में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर काम शुरू हो चुका है। वहीं पिछले दो टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के माध्यम से राज्य को 46 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आठ देशों की दस प्रमुख कंपनियों की 28 हजार 200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं वर्तमान में ग्राउंडब्रेकिंग चरण में हैं। इनमें एआई-रेडी डेटा सेंटर, फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल्स और स्पेशियलिटी फिल्म्स जैसे क्षेत्रों की परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें स्पेन की कंपनी द्वारा भोपाल में बड़े एआई-रेडी डेटा सेंटर की स्थापना भी प्रस्तावित है।
कॉन्क्लेव के दौरान आठ कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय-पत्र भी सौंपे गए। इन परियोजनाओं में 203.58 करोड़ रुपये का निवेश और 1,242 नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है। यह निवेश इंदौर के सिंहासा आईटी पार्क और भोपाल के बड़वई आईटी पार्क में आईटी, आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, आईटी अवसंरचना और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करेगा। कार्यक्रम के दौरान गूगल प्ले के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल क्षमता विकास के क्षेत्र में सहयोग को लेकर समझौता भी किया गया। राज्य सरकार का मानना है कि इन पहलों से मध्य प्रदेश तकनीकी निवेश, नवाचार और डिजिटल उद्योगों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।
