ताजा जानकारी के अनुसार सतना अर्बन क्षेत्र के राजेंद्र नगर गली नंबर-16 समेत अलग-अलग इलाकों में कुल 7 नए मीजल्स केस सामने आए हैं। इनमें से 4 मामले अकेले राजेंद्र नगर से हैं। सभी संक्रमित बच्चे 5 वर्ष से कम उम्र के हैं और फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मई माह में संदिग्ध लक्षण दिखने पर 22 बच्चों के सैंपल जांच के लिए आईसीएमआर लैब, जबलपुर भेजे गए थे। इनकी रिपोर्ट 23 मई को प्राप्त हुई, जिसमें 8 बच्चों में मीजल्स संक्रमण की पुष्टि हुई, जिनमें एक मामला नागौद ब्लॉक से संबंधित था।
संक्रमित बच्चों में अधिकांश बच्चियां शामिल हैं, जो हनुमान नगर, नई बस्ती, बजरहा टोला, राजेंद्र नगर और गिंजारा जैसे क्षेत्रों से हैं। इस साल अब तक सतना और मैहर मिलाकर लगभग 40 मीजल्स केस दर्ज किए जा चुके हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं।
इससे पहले गिंजारा गांव में मीजल्स के कारण एक 2 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत भी हो चुकी है। बच्ची को शुरुआत में बुखार और शरीर पर दाने निकले थे, लेकिन समय पर सही इलाज न मिलने और झाड़-फूंक पर भरोसा करने के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
अब उसी परिवार में बड़ी बहन की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वह अब खतरे से बाहर है। संक्रमित बच्ची को भी बहन से संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है।
स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे अभियान तेज कर दिया है। जिला टीकाकरण अधिकारी के अनुसार, जहां-जहां केस सामने आए हैं, वहां बच्चों को एमआर वैक्सीन की अतिरिक्त डोज और विटामिन-ए सिरप देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन निगरानी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध बच्चों की जांच, टीकाकरण और सर्वे कार्य लगातार जारी रहेगा ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
