नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 05,नवम्बर,2026(हिन्द संतरी ) बच्चों की आधार पहचान को सुरक्षित और अद्यतन बनाए रखने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा निर्धारित आयु में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) कराना जरूरी है। इसके तहत बच्चों का पहला बायोमेट्रिक अपडेट 5 वर्ष की आयु पूरी होने पर तथा दूसरा अपडेट 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर कराया जाना अनिवार्य है।
जन्म से 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों का आधार बनाते समय फोटो एवं जनसांख्यिकीय विवरण दर्ज किए जाते हैं। इस आयु में बच्चों के फिंगरप्रिंट और आंखों की आइरिस का बायोमेट्रिक विवरण दर्ज नहीं किया जाता है। 5 वर्ष की आयु पूरी होने पर प्रथम अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU-1) के दौरान बच्चे का नया फोटो, 10 उंगलियों के फिंगरप्रिंट और दोनों आंखों की आइरिस दर्ज की जाती है। इसी प्रकार 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर द्वितीय अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU-2) के अंतर्गत फोटो, फिंगरप्रिंट और आइरिस को पुनः अपडेट किया जाता है।
बायोमेट्रिक अपडेट कराने से बच्चों की पहचान की निरंतरता बनी रहती है। साथ ही भविष्य में सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति और अन्य आधार आधारित सेवाओं का लाभ लेने के दौरान पहचान सत्यापन में आसानी होती है। आधार अपडेट नहीं होने की स्थिति में NEET, JEE और CUET जैसी प्रवेश परीक्षाओं के पंजीकरण सहित अन्य आधार आधारित सेवाओं में भी परेशानी आ सकती है। निर्धारित समय पर अपडेट नहीं कराने से आधार नंबर निष्क्रिय होने की स्थिति भी बन सकती है।
आधार नंबर नहीं बदलता
बायोमेट्रिक अपडेट के दौरान बच्चों का आधार नंबर वही रहता है। अपडेट के बाद नया आधार नंबर जारी नहीं किया जाता है। यह प्रक्रिया केवल आधार कार्ड में फोटो बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बच्चे के फिंगरप्रिंट और दोनों आंखों की आइरिस का पहली बार पंजीकरण अथवा पुनः पंजीकरण भी किया जाता है। अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चों की आयु के अनुसार निर्धारित समय पर अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में आधार आधारित सेवाओं, शैक्षणिक प्रवेश एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
