नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 22,सितम्बर,2026(हिन्द संतरी ) कहने को कलेक्टर की जनसुनवाइ है लेकिन जब कलेक्टर अन्य व्यस्त होते है तब उनकी गैर मौजूदगी मे उनके अधीनस्थ अधिकारी समस्याओं का समाधान करने की बजाय उन शिकायतों को नस्तीबद्ध करा दे जिसके लिए आवेदक न्याय की आशा लिए हो तब यह बात एक खानापूर्ति ही समझी जाएगी, एसे ही सहारा ग्रुप पर कार्यवाही हेतु पूर्व मे कलेक्टर सोनिया मीना ने जिस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये अपनी जनसुनवाइ में 4 नवंबर 2025 को क्रमांक 251104120727 पर मामला जनसुनवाइ दर्ज कर अनुविभागीय अधिकारी नर्मदापुरम को कार्यवाही हेतु अग्रेषित किया जिस पर एक साल मे कोई कार्यवाही नही होने पर आवेदक शेख अजीज आज कलेक्टर से मिलने पहुचा तो उनके स्थान पर जनसुनवाई कर रहे एडीएम राजेश शुक्ल ने आवेदक को कहा तुम कोर्ट जाओ क्यो आ गए हो , तब उसने पूर्व कलेक्टर का हवाला देकर बात की तो उन्होने आवेदक को लताड़ा ज्यादा पढ़े लिखे हो, ओर उन्होने बैंक से संबन्धित अधिकारी को पहले एफआईआर कराने को कहा। बैंक अधिकारी बोला मेरी ज़िम्मेदारी यही समाप्त हुई यह काम मेरा नहीं आपका है ओर शिकायत को बंद करने की बात कही।
विचार कीजिये कलेक्टर के पास पहुचने वाली शिकायत की जनसुनवाई कलेक्टर के स्थान पर उनके अधीनस्थ करे तो क्या वे अपने वैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग कर लीपापोती करने के बाद आवेदकों को न्याय देने की बात दूर, उन्हे इस प्रकार बेज्जत करते रहेंगे? यह प्रश्न लाजिमी है , आवेदक शेख अजीज जैसे कितने ही लोग इन अधियारियों की लापरवाही से न्याय से वंचित होने के बाद जनसुनवाइ की सच्चाई समझ पाते है ये तो भुक्तभोगी ही समझते है। कलेकर अगर जनसुनवाइ मे न हो तो उनकी गैर मौजूदगी मेन उनके समकक्ष अधिकार रखने वाले एडीएम या जिला पंचायत की सीईओ जैसे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उंगली उठना स्वभाविक है । कलेक्टर को इस बात को गंभीरता से लेना चाहिए ।
एक बजे के लगभग कलेक्टर सोमेश मिश्रा नागरिकों की समस्याओं को सुनने वाये लेकिन उनकी अनुपस्थिति के समय के बेरंग लौटाए गए आवेदकों पर भी क्या वे विचार कर अपने अधीनस्थों पर ध्यान देंगे । जनसुनवाई के दौरान ग्राम तालकेसरी निवासी प्रदीप कुमार बामने ने सामाजिक सुरक्षा दिव्यांग पेशन को पुनः चालू कराये जाने के संबंध में आवेदन दिया। जिस पर कलेक्टर श्री मिश्रा ने सामाजिक न्याय विभाग अधिकारी को जांच कर उचित सहायता प्रदान करने के लिए निर्देशित किया। एक अन्य मामले में ग्राम रतवाड़ा निवासी श्रीकिशन बरखने ने जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के संबंध में आवेदन दिया। आवेदन की जाँच करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने अनुविभागीय अधिकारी नर्मदापुरम को समस्या का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार मालाखेड़ी निवासी सविता बट्टी ने भूमि का पट्टा प्रदान करने के संबंध में आवेदन दिया। जिस पर श्री मिश्रा ने संबंधित तहसीलदार को उचित कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। इसी प्रकार आवेदिका संगीता बाई ने राशन कार्ड बनाये जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर श्री मिश्रा ने संबंधित अधिकारी को नियमानुसार सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में सीईओ जिला पंचायत हिमांशु जैन,अपर कलेक्टर राजेश शुक्ला, एसडीएम नर्मदापुरम देवेंद्र प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने भी जनसुनवाई में पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनकर उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की।
