
नर्मदापुरम 31 जनवरी 2026 (हिन्द संतरी ) नैतिकता, ईमानदारी और जबावदेही के महत्व की कमियां जब कर्मचारियों में आ जाए तो तब अपराध की सीढ़ियाँ चढ़ खुद की नैतिकता को खो दे तो परिणाम में वह क्या बकरी .क्या मुर्गी, क्या हीरा क्या खीरा वह सब चोरी करने से बाज नहीं आता है, ऐसा ही वाकया नर्मदापुरम की कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के साथ हुआ जो चहुँऔर सुरक्षागार्डों से सुरक्षित उनके बंगले की अलमारी में उनकी माँ के 25 ग्राम वजनी सोने के कंगन कीमती साढ़े तीन लाख की चोरी कर उनका ही एक पूर्व कर्मचारी एक सप्ताह से पुलिस की पकड़ से बाहर है। ऐसे में जनसामान्य में दबे जबान यह चर्चा जोरों पर है की जब जिले के मुखिया को चोर निशाना बना सकते है तो कौन यहाँ सुरक्षित है?
सूत्रों से मिली खबर के अनुसार 17 वी वाहिनी भिंड में आरक्षक के पद पर पदस्थ मानवेन्द्र सिंह भदौरिया को नर्मदापुरम जिला दंडाधिकारी सुश्री सोनिया मीना की सुरक्षा में सुरक्षाकर्मी के पद पर तैनात किया है जिसके आवेदन पर कोतवाली पुलिस चौकी में अपराध क्रमांक 82/26 किया गया है। आवेदक के अनुसार मेरा जिला दंडाधिकारी महोदय सुश्री सोनिया मीना के साथ ऑफिस से घर एवं घर से ऑफिस एवं अन्य शासकीय विजिट में सुरक्षाकर्मी के रूप में आना जाना रहता है। मैं उनके घर में उनके घर के शासकीय कार्य को भी करता हूँ। कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के साथ उनकी मम्मी जिनकी उम्र करीबन 62 वर्ष रहती है, जो मुझ पर काफी विश्वास करती है। दिनांक 20.01.26 को दोपहर करीब 12.00 बजे मुझे कलेक्टर महोदय की मम्मी ने अपने 02 सोने के कंगन मेडम के बंगले में उनकी गोदरेज की अलमारी में रखने के लिए दिए थे। मैंने उन्हें अलमारी में अन्दर रख दिया था।
जब 22 जनवरी को सुबह 11.00 बजे कलेक्टर मैडम की मम्मी ने मुझे बताया कि मैंने तुम्हें जो सोने के कंगन गोदरेज की अलमारी में रखने के लिए दिए थे वह मिल नहीं रहे है। तुमने उन्हें कहाँ रखे थे बता दो, मैंने उन्हें बोला की मैंने उन्हें वहीं अलमारी में रखते थे। फिर मैं, उन्हें साथ लेकर गोदरेज को खोलकर देखा तो मैंने जहाँ कंगन रखे थे वहां कंगन नहीं मिले। हम सभी ने गोदरेज एवं अन्य जगह पर कंगनों को ढूंढा जो नहीं मिले घर में अन्दर काम करने वाले कुक हेमन्त धुर्वे उर्फ राजा का बंगले के अन्दर आना जाना रहता है और मैंने उसे कई बार बंगले के अन्दर आते-जाते देखा है। हेमंत धुर्वे उर राजानेही सोने के कंगन चोरी किये है। कंगनों का वजन करीबन 25 ग्राम होगा जिसकी कीमत करीबन 3,50,000/- रु होगी। रिपोर्ट किये एक सप्ताह होने को है किन्तु चोर तक पुलिस नहीं पहुँच सकी है, पर एक सबाल कुक रसोई की बजाह बंगले के अन्दर कमरों में आता जाता रहा तब उसपर रोक क्यों नहीं लगाईं गई, जबकि उनका बंगला सुरक्षाकर्मी और सीसीटी केमरे से लेंस होने पर यह सब कुछ हो गया और गायब कुक को पुलिस नही पकड़ सकी, डीएम के निजी सुरक्षा आदि पर अनेक प्रश्न खड़े करता है।
