छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में कुछ भ्रष्ट तत्वों ने सेंध लगाकर मेहनती और ईमानदार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनका कहना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण एग्जाम में ऐसी घटनाएं पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती हैं।
जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में छात्रों ने स्पष्ट रूप से कई मांगें रखीं-
पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
दोषी व्यक्तियों, संस्थानों और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित व पारदर्शी बनाया जाए
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए ताकि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न हो
आंदोलन के बीच उठा स्थानीय मुद्दों का सवाल भी
कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने के दौरान केवल NEET मामला ही नहीं, बल्कि इलाके की अन्य समस्याएं भी उठीं। कांग्रेस नेताओं ने किल्लोद ब्लॉक में फ्लोराइड युक्त पानी से हो रही बीमारियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि कुएं खुदवाए जाने के बावजूद अब तक कनेक्शन न मिलने से ग्रामीणों को राहत नहीं मिल पाई है। इसके अलावा लहाड़पुर क्षेत्र में पेयजल संकट को भी गंभीर समस्या बताया गया।
प्रशासन का जवाब
कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पीएचई विभाग और जनपद सीईओ को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को पंचायत स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों को जल्द राहत मिलने का आश्वासन भी दिया है।
