पासपोर्ट सेवा केंद्र के आंकड़ों के अनुसार एक्सपायर पासपोर्ट धारकों में लगभग 2500 बच्चे, 2500 युवा और मध्यम आयु वर्ग के लोग तथा करीब 1500 बुजुर्ग शामिल हैं। यानी समाज के हर वर्ग के लोग इस समस्या से प्रभावित हैं। पासपोर्ट, जो विदेश यात्रा के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है, अब इनके लिए बेकार साबित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार जनवरी 2024 से अप्रैल 2026 के बीच ग्वालियर पासपोर्ट सेवा केंद्र में कुल 23,144 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 6787 आवेदन रिन्यूअल से जुड़े थे। वहीं वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही 4571 नए आवेदन दर्ज किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अपने पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों का पासपोर्ट 10 साल तक और बच्चों का 5 साल तक वैध रहता है। इसके समाप्त होने से पहले ही रिन्यूअल कराना जरूरी होता है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि एक्सपायर पासपोर्ट अब किसी भी प्रकार की अंतरराष्ट्रीय यात्रा या पहचान दस्तावेज के रूप में मान्य नहीं होता, इसलिए समय रहते इसका नवीनीकरण कराना बेहद जरूरी है।
इस पूरे मामले में लोगों की लापरवाही सामने आने के बाद पासपोर्ट विभाग ने अपील की है कि नागरिक समय रहते अपने दस्तावेजों को अपडेट कराएं, ताकि अचानक विदेश यात्रा या आपात स्थिति में किसी भी तरह की परेशानी न हो।
