मैच के बाद रजत पाटीदार ने कहा कि शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में आ गई और मिडिल ऑर्डर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका। उन्होंने स्वीकार किया कि पिच पर हालात सामान्य थे, लेकिन साझेदारियों की कमी ने टीम की स्थिति कमजोर कर दी।
गुजरात टाइटंस की ओर से गेंदबाजी में शानदार अनुशासन देखने को मिला। शुरुआती ओवरों में ही दबाव बनाकर उन्होंने RCB के टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया। दूसरी ओर, RCB की बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी साफ दिखाई दी, जिससे बड़ा स्कोर खड़ा नहीं हो सका।
रजत पाटीदार ने यह भी कहा कि इस तरह के मैचों में मिडिल ओवर सबसे अहम होते हैं, लेकिन उनकी टीम उन ओवरों में रन गति को बढ़ाने में असफल रही। उन्होंने माना कि अगर 15-20 रन अतिरिक्त जुड़ जाते, तो परिणाम अलग हो सकता था।
गुजरात टाइटंस की ओर से कप्तान Shubman Gill ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई और रणनीतिक रूप से पारी को संभाला। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजों के संतुलित प्रदर्शन ने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
RCB के लिए यह हार अंकतालिका के लिहाज से बड़ी चिंता का विषय नहीं बनी, लेकिन टीम प्रबंधन के लिए यह एक चेतावनी जरूर है कि मिडिल ऑर्डर को जल्द सुधार की जरूरत है।
रजत पाटीदार ने आगे कहा कि टीम में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन दबाव की स्थिति में सही निर्णय और साझेदारी बनाना जरूरी है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले मुकाबलों में टीम वापसी करेगी और गलतियों से सीख लेगी।
कुल मिलाकर यह मुकाबला RCB के लिए एक सीख की तरह रहा, जहां छोटे अंतर ने बड़े परिणाम को बदल दिया। वहीं गुजरात टाइटंस ने एक बार फिर साबित किया कि घरेलू परिस्थितियों में वे किसी भी टीम को कड़ी टक्कर देने में सक्षम हैं।
