यह घटना Colombo के नाराहेनपीटा इलाके की बताई जा रही है, जहां महिला खिलाड़ियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बाथरूम के पास मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों खिलाड़ियों को हिरासत में ले लिया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती पूछताछ के बाद दोनों खिलाड़ियों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें करीब 5 लाख श्रीलंकाई रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह वीडियो किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा तो नहीं किया गया।
इस घटना के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (Sri Lanka Cricket) पर भी दबाव बढ़ गया है। हालांकि बोर्ड ने अभी तक कोई आधिकारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई घोषित नहीं की है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब श्रीलंका क्रिकेट पहले से ही प्रशासनिक बदलावों और विवादों से गुजर रहा है। बोर्ड में हाल ही में कई बड़े बदलाव हुए हैं और एक अंतरिम समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो ऐसे मामलों की निगरानी कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंडर-19 स्तर पर इस तरह की घटनाएं बेहद गंभीर हैं, क्योंकि यह न केवल खिलाड़ियों की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि खेल की गरिमा पर भी सवाल खड़े करती हैं।
इस घटना ने खेल जगत में अनुशासन, सुरक्षा और नैतिकता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर जांच के नतीजों और बोर्ड की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
