रिपोर्ट्स के मुताबिक Colossus 1 को दुनिया के सबसे बड़े AI-फोकस्ड सुपरकंप्यूटर्स में गिना जाता है। इसे मूल रूप से Musk की AI कंपनी xAI ने Grok AI मॉडल की ट्रेनिंग और X प्लेटफॉर्म को सपोर्ट देने के लिए तैयार किया था। इस सुपरकंप्यूटर में करीब 2.2 लाख NVIDIA GPUs का इस्तेमाल किया गया है और इसे रिकॉर्ड 122 दिनों में तैयार किया गया था।
दिलचस्प बात यह है कि एलन मस्क पहले से ओपनएआई के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और Anthropic भी AI रेस में ओपनएआई की बड़ी प्रतिद्वंद्वी मानी जाती है। वहीं Anthropic, Musk की xAI के लिए भी सीधी चुनौती है। इसके बावजूद Musk ने यह साझेदारी की है, जिससे टेक जगत में काफी चर्चा शुरू हो गई है।
Musk ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस डील को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने Anthropic के अधिकारियों से बातचीत की और यह समझने की कोशिश की कि Claude AI मानवता के लिए किस तरह उपयोगी और सुरक्षित हो सकता है। Musk ने कहा कि बातचीत के बाद उन्हें भरोसा हुआ कि Claude AI को जिम्मेदारी के साथ विकसित किया जा रहा है। इसी भरोसे के आधार पर उन्होंने Anthropic को Colossus 1 एक्सेस देने का फैसला किया।
इस डील का सबसे बड़ा फायदा Anthropic को अतिरिक्त कंप्यूटिंग पावर के रूप में मिला है। इसके बाद कंपनी ने अपने Claude Code प्लेटफॉर्म की लिमिट्स में बदलाव किया है। अब प्रो, मैक्स और एंटरप्राइज प्लान वाले यूजर्स को पहले से ज्यादा AI क्षमता और बेहतर स्पीड मिलने वाली है। कंपनी ने कई पीक-आवर लिमिटेशन भी हटाने का ऐलान किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार एंथ्रोपिक और स्पेसएक्सएआई भविष्य में “स्पेस-बेस्ड AI कंप्यूटिंग” पर भी साथ काम कर सकते हैं। यानी आने वाले समय में अंतरिक्ष में मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल AI मॉडल्स की ट्रेनिंग और प्रोसेसिंग के लिए किया जा सकता है।
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह डील AI सेक्टर में कंप्यूटिंग पावर की बढ़ती जरूरत को दिखाती है। अब कंपनियों के बीच मुकाबला सिर्फ बेहतर AI मॉडल बनाने का नहीं, बल्कि सबसे ताकतवर कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर हासिल करने का भी बन गया है।
