रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सुहावना बना रहा। खंडवा प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 24.5 डिग्री, इंदौर में 26.4 डिग्री, ग्वालियर में 24.7 डिग्री, उज्जैन में 26 डिग्री और जबलपुर में 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से नीचे रहा। दमोह में 21.8 डिग्री, रीवा में 22 डिग्री, खरगोन और छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री, उमरिया में 23.5 डिग्री तथा दतिया में 23.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बादल, नमी और वर्षा गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
बारिश की बात करें तो सतना जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जहां 24 घंटे के दौरान सवा इंच से ज्यादा पानी बरसा। दतिया में आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, श्योपुर, रीवा, सिवनी, बैतूल, सिंगरौली, मैहर और उमरिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। राजधानी भोपाल में भी सोमवार सुबह से तेज हवाओं के साथ मौसम खुशनुमा बना रहा।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई महीने में प्रदेश में सामान्य से लगभग 56 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि इस बार प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य से कहीं अधिक सक्रिय रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और अरब सागर-बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के संयुक्त प्रभाव के कारण प्रदेश में बार-बार मौसम बदल रहा है।
हालांकि बारिश और ठंडक के बीच आकाशीय बिजली का खतरा भी बढ़ गया है। श्योपुर में बिजली गिरने की घटना ने मौसम विभाग की चेतावनियों की गंभीरता को एक बार फिर उजागर किया है। विशेषज्ञों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। किसानों के लिए यह मौसम फायदेमंद माना जा रहा है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह बदलाव राहत लेकर आया है, लेकिन मौसम के लगातार बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सावधानी बरतनी होगी।
