जांच एजेंसी का मुख्य फोकस यह जानने पर है कि फरारी के दौरान समर्थ कहां-कहां रुका, किन लोगों के संपर्क में रहा और उसे किस-किस व्यक्ति ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहायता पहुंचाई। इसके लिए उसके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन हिस्ट्री, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल चैट्स की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से फरारी के दौरान की गतिविधियों की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।
मामले में एक नया पहलू ट्विशा की कथित प्रेग्नेंसी और गर्भपात से भी जुड़ा हुआ है। इसी क्रम में सीबीआई ने उस डॉक्टर को भी पूछताछ के लिए तलब किया है, जिसने कथित तौर पर ट्विशा को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी यानी गर्भपात की सलाह दी थी। जांच एजेंसी यह समझना चाहती है कि प्रेग्नेंसी और गर्भपात को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, उनमें कितनी सच्चाई है और उनका इस पूरे मामले से क्या संबंध हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान समर्थ लगातार यह दावा कर रहा है कि ट्विशा की मौत आत्महत्या का मामला है। उसका कहना है कि गर्भपात के बाद ट्विशा मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रही थी, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। हालांकि जांच एजेंसी केवल उसके बयानों पर निर्भर नहीं है और हर दावे को वैज्ञानिक तथा फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर परख रही है।
सीबीआई इस मामले को आत्महत्या और हत्या दोनों संभावनाओं के दृष्टिकोण से देख रही है। जांचकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना से पहले दोनों के संबंधों की स्थिति क्या थी, क्या किसी प्रकार का विवाद या मारपीट हुई थी और घटनास्थल से मिले साक्ष्य क्या संकेत देते हैं। यदि यह आत्महत्या थी तो उसके पीछे तत्काल कारण क्या था और यदि नहीं, तो फिर वास्तविक घटनाक्रम क्या रहा।
जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक की पूरी टाइमलाइन तैयार करना भी है। सीबीआई समर्थ से लगातार पूछताछ कर रही है कि उसने सबसे पहले ट्विशा को किस अवस्था में देखा, उसे फंदे से किसने उतारा, उस समय घर में कौन-कौन मौजूद था और अस्पताल ले जाने तक क्या-क्या घटनाएं हुईं। इन सभी बयानों का मिलान फोरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से किया जा रहा है।
इसके अलावा जांच एजेंसी उन लोगों की भी पहचान करने में जुटी है जिन्होंने एफआईआर दर्ज होने के बाद समर्थ को फरार रहने में मदद की हो सकती है। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
ट्विशा शर्मा मौत मामला शुरुआत से ही कई सवालों और विवादों के घेरे में रहा है। अब सीबीआई हर एंगल से जांच कर रही है ताकि घटनाओं की वास्तविक श्रृंखला सामने लाई जा सके और यह स्पष्ट हो सके कि यह मामला आत्महत्या का था या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी हुई है।
