जानकारी के अनुसार राज्यपाल की पत्नी अनीता गहलोत की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। बताया जा रहा है कि उनका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया, जिसके बाद चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए परिवार ने तुरंत राज्यपाल को सूचना दी। इसके बाद थावरचंद गहलोत मुंबई से सीधे नागदा के लिए रवाना हो गए।
नागदा पहुंचने पर सबसे पहले उन्होंने अपनी पत्नी को स्थानीय चौधरी अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाया, जहां प्राथमिक जांच के बाद उन्हें घर पर ही आराम करने और निरंतर डॉक्टरों की निगरानी में रहने की सलाह दी गई। फिलहाल अनीता गहलोत का इलाज उनके निवास पर ही चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
राज्यपाल के अचानक नागदा पहुंचने के बाद उनके निवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और प्रशासनिक अमला भी सतर्क हो गया। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी पत्नी की सेहत पर नजर बनाए हुए है।
हालांकि इसी बीच कर्नाटक की राजनीति में चल रहे संभावित बदलावों को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे और संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच राज्यपाल का बेंगलुरु से बाहर होना राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है।
सूत्रों के अनुसार कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और आज दोपहर तक बड़े फैसले की संभावना जताई जा रही है। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के नाम पर सहमति बनने की भी चर्चा है, हालांकि अंतिम निर्णय कांग्रेस विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा।
इसी बीच बताया गया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात के लिए समय मांगा था, लेकिन उनके नागदा में होने के कारण यह मुलाकात संभव नहीं हो पाई। ऐसे में अब चर्चा है कि मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा ई-मेल या राजभवन के अधिकारियों के माध्यम से भी सौंप सकते हैं, जैसा कि नियमों में प्रावधान है।
हालांकि इन तमाम राजनीतिक अटकलों के बीच राज्यपाल के करीबी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि उनका नागदा आना पूरी तरह निजी और पारिवारिक कारणों से जुड़ा हुआ है और इसका किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है।
फिलहाल स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है, जबकि नागदा स्थित निवास पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
