नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 23,जून,2026(हिन्द संतरी ) मध्य प्रदेश शासन द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित “एक बगिया माँ के नाम” परियोजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उनकी निजी भूमि पर फलदार बगीचे विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध कराना तथा फलदार वृक्षों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को फलोद्यान विकास के लिए तीन लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। इसी क्रम में जनपद पंचायत माखननगर की ग्राम पंचायत गूजरवाड़ा में “एक बगिया माँ के नाम” योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की सदस्य मालतीबाई पत्नी श्री लखन अहिरवार द्वारा अपनी निजी भूमि पर फलोद्यान विकसित किया गया है। उन्होंने अपने खेत में 50 आम के पौधों का रोपण किया है, जो भविष्य में आय का स्थायी स्रोत बनेंगे।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से मालतीबाई को पौधरोपण एवं बागवानी कार्य के लिए 30 हजार रुपये का ऋण भी उपलब्ध कराया गया है। बगीचे के साथ-साथ उनके द्वारा सब्जियों का उत्पादन भी किया जा रहा है, जिससे वर्तमान में अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। फलोद्यान एवं सब्जी उत्पादन के माध्यम से मालतीबाई की आर्थिक एवं पारिवारिक स्थिति में सकारात्मक सुधार हुआ है। आगामी वर्षों में आम के पौधों से फल उत्पादन शुरू होने पर उन्हें आय का एक नया और स्थायी स्रोत प्राप्त होगा। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वरोजगार संवर्धन तथा हरित विकास की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है।
