मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 महापर्व के लिए स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई धार्मिक स्थलों से जुड़े विकास कार्य जनभागीदारी से आगे बढ़ रहे हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
आश्रम में गुरुदेव उमाकांत महाराज ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारियों के बावजूद वे निरंतर आध्यात्मिक जुड़ाव बनाए हुए हैं और जनसेवा के कार्यों में सक्रिय हैं।
आश्रम से निकलने के बाद मुख्यमंत्री रामघाट पहुंचे, जहां उन्होंने सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए चल रहे निर्माण और विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने घाट क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समयसीमा और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार उज्जैन को न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
