नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल के संयमित उपयोग की अपील का असर अब उज्जैन में दिखाई देने लगा है। शहर के महापौर मुकेश टटवाल ने एक नई पहल करते हुए हर शुक्रवार को कार का उपयोग न करने और उसकी जगह ई-रिक्शा, पैदल या इलेक्ट्रिक वाहनों से सफर करने का निर्णय लिया है।
शुक्रवार को महापौर अटल पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने ई-रिक्शा से वार्डों का निरीक्षण किया और आम नागरिकों से मुलाकात कर ईंधन बचत का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा परिस्थितियों में पेट्रोल-डीजल का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है।
महापौर ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि इसे लंबे समय तक जारी रखने की योजना है, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े।
उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों से भी सप्ताह में कम से कम एक दिन ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक वाहन या पैदल चलने की अपील की। उनका कहना है कि यदि सभी अधिकारी मिलकर यह प्रयास करें तो हर सप्ताह सैकड़ों लीटर पेट्रोल की बचत संभव है।
इस पहल को शहर में ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
