हिन्द संतरी डेस्क
`विश्व हिंदी संस्थान कनाडा.के संस्थापक प्रो.सरन घई द्वारा संपादित उपन्यास “खट्टे मिट्ठे-रिश्ते”,नई दिल्ली में “युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच “के बैनर तले !इस अनूठे उपन्यास को विश्व के 66 रचनाकारों द्वारा लिखा गया था! मंच की अध्यक्षता प्रो .विश्वम्भर शुक्ल ने की मुख्य अतिथि प्रो सरन घई एवं विशिष्ट अतिथि श्याम नंदा नूर एवं रमेश सिद्धार्थ रहे थे !प्रो.सरन घई ने अपने वक्तव्य में कहा की रिश्ते मेरे लिए कोतुहाल का विषय रहे हैं ,परिवारों में रिश्तेदारों को एक दुसरे के लिए अपनी जान तक कुर्बान करते देखा है और भाई भाई को जमीं जायजाद के लिए लड़ते हुए भी देखा है ,बहु को पूरे परिवार की सेवा करते भी देखा है और साँसों को सांस लेना भी मुहाल करते देखा और इसके विपरीत सास को बुढापे में खटते हुए भी देखा है और बहु को सिंघासन पर विराजमान होकर हुकुम देते हुए भी देखा है कहने का तात्पर्य यह है की मैंने रिश्तों के कई रंग देखे हैं तो सोचा क्यूँ परिवार ऐसा भी बनाया जाए जो विश्व के विभिन्न कोनो में बैठा हो और कोई किसी को जानता तक न हो और न पहचानता हो फिर भी एक परिवार का अंग ,सच्चा रिश्तेदार बने ,इन रिश्तेदारों को खोजने का माध्यम फेसबुक को चुना और रच दिया एक इतिहास जो इससे पहले कभी नहीं हुआ | विश्व के 66 रचनाकारों द्वारा विश्व का एक अनूठा उपन्यास “खट्टे मीठे रिश्ते” ! प्रो .सरन घई ने इसको अपनी वैश्विक पहचान दिलवाने के लिए “गिनिस ऑफ़ बर्ल्ड रिकोर्ड” के अधिकारियों को भी लिख चुके हैं |इस उपन्यास को लिखने में सहभागिता संजय वर्मा “दॄष्टि ” मनावर जिला धार (म प्र )ने की सम्मान स्वरुप सम्मान पत्र प्रदान किया गया।
